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दिल्ली की संकरी सड़कों के लिए अब 7 मीटर की ‘मिनी बसें’ चलाएगी सरकार

दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाना और नागरिकों को एक आधुनिक, सुगम और सस्ती सार्वजनिक परिवहन सेवा देना सरकार की प्राथमिकता है- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

दिल्ली में 7 मीटर की ‘मिनी बसें’ चलाएगी सरकार
दिल्ली में 7 मीटर की ‘मिनी बसें’ चलाएगी सरकार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : January 10, 2026 at 7:53 PM IST

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Updated : January 10, 2026 at 8:35 PM IST

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की संकरी सड़कों के लिए अब 7 मीटर की ‘मिनी बसें’ भी चलेंगी. दिल्ली के परिवहन विभाग ने 3,330 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों की तत्काल खरीद के लिए केंद्र सरकार की एजेंसी कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) को एक विस्तृत प्रस्ताव भेजा है. सीईएसएल भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है. यह मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (ई-बस, ई-कार, ई-ट्रक) और नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देने के लिए काम करता है, जैसे कि इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए बड़े टेंडर निकालना और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना.

प्रदूषण मुक्त दिल्ली की ओर बढ़ता कदम

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाना और नागरिकों को एक आधुनिक, सुगम और सस्ती सार्वजनिक परिवहन सेवा देना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य के साथ, हाल ही में सीईएसएल के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि पीएम ई-ड्राइव योजना (फेज-2) के तहत दिल्ली के लिए बसों का कोटा बढ़ाया जाए.

जानिए कैसी होंगी नई बसें

दिल्ली के रिहायशी व व्यवसायिक ईलाकों को जोड़ने वाली सड़कों की स्थिति को देखते हुए परिवहन विभाग ने अलग-अलग आकारों की बसों की मांग रखी है. ताकि संकरी सड़कों से लेकर मुख्य मार्गों तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके. राजधानी के परिवहन विभाग द्वारा 7 मीटर की 500 बसें, 9 मीटर की 2,330 बसें और 12 मीटर की 500 बसों समेत कुल 3,330 की मांग की गई है. सभी लो फ्लोर एसी बसें होंगी. 7 मीटर की बसें दिल्ली वासियों को संकरी सड़कों और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी. 9 मीटर की बसें छोटी सड़कों और फीडर सेवाओं के लिए चलाई जाएंगी. वहीं, 12 मीटर की बसें मुख्य रूटों और भारी भीड़ वाले मार्गों पर चलाई जाएंगी.

9 मीटर की बसें छोटी सड़कों और फीडर सेवाओं के लिए चलाई जाएंगी
9 मीटर की बसें छोटी सड़कों और फीडर सेवाओं के लिए चलाई जाएंगी (ETV Bharat)

सब्सिडी और वित्तीय प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार और भारी उद्योग मंत्रालय से अनुरोध किया है कि दिल्ली की इस अतिरिक्त मांग (जो कि पहले से आवंटित 2,800 बसों के कोटे से अलग है) को सब्सिडी मॉडल में शामिल किया जाए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि सब्सिडी में कोई तकनीकी अड़चन आती है तो दिल्ली सरकार स्वयं इस लागत का भार उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है ताकि बसों की खरीद में कोई देरी न हो. इन बसों के आने से दिल्लीवासियों की निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी. साथ ही, हवा में घुलने वाले हानिकारक धुएं में भारी कमी आएगी. महिला यात्रियों और बुजुर्गों के लिए लो-फ्लोर बसों के माध्यम से यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगी. दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले महीनों में दिल्ली का बस बेड़ा दुनिया के सबसे बड़े और सबसे स्वच्छ इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क में से एक बन जाए.

दिल्ली में वर्तमान में कुल 5,336 सरकारी बसें चलाई जा रही हैं. इनमें कुल 3,535 ईवी बसें हैं, जिसमें 9 मीटर वाली 1,162 देवी बसें, 12 मीटर वाली 2,273 बसें और 100 फीडर बसें शामिल हैं. मुख्यमंत्री के अनुसार, इस वर्ष मार्च तक दिल्ली की सड़कों पर 5,000 से ज्यादा ईवी बसें संचालित हो जाएंगी. सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2026 के अंत तक 7000 इलेक्ट्रिक बसें दिल्लीवासियों को उपलब्ध करा दी जाए. पीएम ई-ड्राइव (चरण 1) की 2800 बसें आने के बाद दिल्ली में बसों की संख्या 10,430 हो जाएगी तथा पीएम ई-ड्राइव (चरण 2) की 3330 बसें आने के बाद दिल्ली में बसों की संख्या 13,760 हो जाएगी.

दिल्ली की संकरी सड़कों के लिए अब 7 मीटर की ‘मिनी बसें’ भी चलाएगी सरकार
दिल्ली की संकरी सड़कों के लिए अब 7 मीटर की ‘मिनी बसें’ भी चलाएगी सरकार (ETV Bharat)

क्या है पीएम ई-ड्राइव योजना

प्रधानमंत्री ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना भारत सरकार की एक पहल है, जिसे भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा 10,900 करोड़ रुपये के बजट के साथ अक्टूबर 2024 से मार्च 2026 तक के लिए लागू किया गया है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, ई-बसों और ई-ट्रकों की खरीद पर वित्तीय प्रोत्साहन देकर ईवी (EV) अपनाने की प्रक्रिया को तेज करना है, ताकि देश में प्रदूषण कम कर वायु गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकें. इसके तहत न केवल बेंगलुरु, दिल्ली और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती की जा रही है, बल्कि 72,300 फास्ट चार्जर और एक डिजिटल ‘सुपर ऐप’ के माध्यम से चार्जिंग के बुनियादी ढांचे को भी सुदृढ़ किया जा रहा है. ताकि, भारत को नेट-जीरो उत्सर्जन और आत्मनिर्भर विनिर्माण के लक्ष्य की ओर ले जाया जा सके.

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Last Updated : January 10, 2026 at 8:35 PM IST