स्मार्ट मीटर बना आफत: 'मंत्री जी मैं दीप जला कर रह लूंगा, ₹12 हजार बिल नहीं दूंगा, अपना पोल-मीटर ले जाओ'
शिकायतकर्ता ने कहा कि, "हम भले ही दीप जलाएंगे, 50 साल पुराने इतिहास में जाएंगे. हमें नए में नहीं जाना. मरेंगे हम तमाशा देखेगी दुनिया."

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 27, 2026 at 9:03 PM IST
सोलन: जिला सोलन के जौणाजी में शुक्रवार को आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में एक फरियादी ने बिजली के भारी भरकम बिल का मामला उठाया. बिल का भुगतान न होने पर फरियादी की बिजली कट गई है. स्वास्थ्य मंत्री रि. कर्नल धनीराम शांडिल इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मैं दिया जलाकर रह लूंगा लेकिन 12 हजार बिल नहीं दूंगा. मेरे पास पैसे नहीं है. उनका 300 रुपए बिल आता था लेकिन अब 12000 आया है. बिजली बोर्ड में शिकायत कि लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
फरियादी की गुहार, पोल-मीटर ले जाओ
कैबिनेट मंत्री से गुहार लगाते हुए फरियादी ने कहा, "बिजली बोर्ड अपना पोल और मीटर ले जाए. मैंने इनका क्या करना, जब बिजली ही नहीं देनी है. हमने दिए खरीद लिए हैं. हम वैसे रह लेंगे जैसे 50 साल पहले लोग अंधेरे में रहा करते थे. मैं तो अब सिरमौर में रहता हूं आज आया हूं. बिजली को बहाल किया जाए. पोल मेरे घर से 4 ईंच की दूरी पर है. अगर करंट लग जाए तो मरेंगे हम और दुनिया तमाशा देखेगी, लेकिन हम दुनिया को तमाशा नहीं देखने देंगे. पोल मेरे घर के सामने से ले जाओ."
इस पर बिजली बोर्ड के अधिकारी राहुल वर्मा ने भी अपनी बात रखी. शिकायतकर्ता का कहना है कि, अब उसे अंधेरे में रहने में भी कोई हर्ज नहीं है. बच्चे बड़े-बड़े हो गए हैं उनकी शादियां हो गई हैं. वह अकेला रह लेगा. स्वास्थ मंत्री से आग्रह किया कि उनकी बिजली को बहाल किया जाए.

सोलन में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत जौणाजी, कोटला मशीवर, सेर बनेड़ा, पड़ग, सलोगड़ा, धरोट, बसाल, शमरोेड़ और नगर निगम सोलन के लोगों की समस्याएं सुनी गई. डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि, "सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके घर-द्वार पर सेवाएं उपलब्ध करवाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है. ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीणों की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो रहा है."

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना प्रदेश सरकार का उद्देश्य है. इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश सरकार सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्ध आधार पर आधुनिक उपकरण लगा रही है, ताकि लोगों को घर-द्वार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सके. उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में लगभग 3,300 करोड़ रुपए के आधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं.

डॉ. शांडिल ने कहा कि, प्रदेशवासियों को उनके स्वास्थ्य की ओर जागरूक बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में नशा स्वस्थ जीवन के लिए एक चुनौती बनकर उभरा है. नशा एक क्षणिक सुख है जो भविष्य को अंधकार में ले जाता है. उन्होंने सभी से आग्रह किया कि युवाओं व अन्य को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखने में सरकार के सहायक बने ताकि एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सके. स्वास्थ्य मंत्री ने विद्युत बोर्ड, जल शक्ति, लोक निर्माण, राजस्व विभाग एवं अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए.
कार्यक्रम में 75 शिकायतें और मांगें प्राप्त
कार्यक्रम में 20 इंतकाल और 22 आधार कार्ड अद्यतन किए गए. इस अवसर पर कुल 75 शिकायतें और मांगें प्राप्त हुई, जिनमें से 54 शिकायतें व 21 मांगे थी. इनमें से अधिकतर का मौका पर निपटारा किया गया तथा शेष मांगों को सम्बन्धित विभागों को प्रेषित किया गया.
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