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ई-रिक्शा चालकों को बड़ी राहत: बैटरी बंद करने वाले तीन मोबाइल एप पर सरकार की सख्ती, हटाने के निर्देश

ई-रिक्शा चालकों के लिए परेशानी का कारण बने तीन मोबाइल एप के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है.

Erikshaw Mobile App
मोबाइल एप पर सरकार की सख्ती (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 4, 2026 at 8:10 AM IST

3 Min Read
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रुद्रपुर: देशभर में ई-रिक्शा चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार ने उन तीन मोबाइल एप के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. जिनका कथित तौर पर दुरुपयोग कर कुछ लोग चलते हुए ई-रिक्शा की बैटरी बंद कर रहे थे. हालांकि, खबर लिखे जाने तक इनमें से कुछ एप कुछ प्लेटफॉर्म पर अब भी उपलब्ध दिखाई दे रहे थे.

पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए थे, जिनमें कुछ लोग बाइक या कार पर सवार होकर ई-रिक्शा के पास पहुंचते हैं और मोबाइल एप के जरिए ब्लूटूथ से उसकी बैटरी से कनेक्ट होकर कुछ ही सेकंड में वाहन को बंद कर देते हैं. अचानक बीच सड़क पर ई-रिक्शा रुक जाने से चालक और उसमें बैठे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था. व्यस्त सड़कों पर ऐसी घटनाएं दुर्घटना का कारण भी बन सकती थीं, जिससे सड़क सुरक्षा और इलेक्ट्रिक वाहनों की साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए.

ई-रिक्शा चालकों को बड़ी राहत (Video-ETV Bharat)

इस समस्या की सबसे बड़ी वजह कुछ ई-रिक्शा में लगे लिथियम-आयन बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) की कमजोर सुरक्षा है. कई बैटरियों में ब्लूटूथ कनेक्शन के लिए या तो पासवर्ड नहीं लगाया गया था या सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर थी. इसी खामी का फायदा उठाकर ये मोबाइल एप आसानी से बैटरी से कनेक्ट हो जाते थे. कनेक्शन बनने के बाद बैटरी की आउटपुट सप्लाई को रोक दिया जाता था, जिससे मोटर तुरंत बंद हो जाती थी और ई-रिक्शा चलना बंद कर देता था.इन घटनाओं के वायरल होने के बाद देशभर के ई-रिक्शा चालकों और उनके संगठनों ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी.

अभी तक कोई प्रारंभिक शिकायत नहीं पहुंची है लेकिन सोशल मीडिया पर खबर के माध्यम से जानकारी मिली है. टेक्निकल टीम एक्टिव कर दी गई है, साथ ही बैटरी ई रिक्शा जहां से मैन्युफैक्चरिंग हुई है उसकी भी जांच की जा रही है. साथ में जो भी या ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से बैटरी रिक्शा को बंद किया जा रहा है, ऐसी कौन-कौन से लोग हैं या इसमें प्रयुक्त होने वाले कौन से नंबर हैं उनकी भी जांच की जा रही है. अभी तक कोई प्रारंभिक शिकायत नहीं मिली है यदि ऐसी कोई शिकायत करता है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी. सोशल मीडिया के मामले का संज्ञान लेते हुए टेक्निकल टीम जांच कर रही है जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी.
-अजय कुमार,एसटीएफ एसएसपी-

मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटी मंत्रालय ने संबंधित प्लेटफॉर्म को इन एप को हटाने के निर्देश दिए हैं. मंत्रालय का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है. सरकार का मानना है कि तकनीक का इस्तेमाल लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए होना चाहिए, न कि सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए.

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