शामली: सरकारी सिस्टम ने सड़ाया गरीबों का 'निवाला', बारिश में भीगकर अंकुरित हुआ सैकड़ों बोरी गेहूं
सहकारी समितियों में खुले आसमान के नीचे रखा सैकड़ों बोरी गेहूं बेमौसम बारिश की भेंट चढ़ गया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 6, 2026 at 8:51 PM IST
शामली : शामली जनपद में एक बार फिर सरकारी तंत्र की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां की सहकारी समितियों में खुले आसमान के नीचे रखा सैकड़ों बोरी गेहूं बेमौसम बारिश की भेंट चढ़ गया. विडंबना यह है कि जिस अनाज को किसी के मुंह का निवाला बनना था, वह अब केंद्रों पर ही भीगकर अंकुरित हो गया और सड़ने की कगार पर है. इधर अब सरकारी मुलाजिम पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं.
दरअसल, मामला जनपद शामली के केरटू गांव का है, जहां याहियापुर साधन सहकारी समिति पर PCF की तरफ से गेहूं खरीद केंद्र बनाया गया है. वहां बेमौसम बरसात के कारण सहकारी समिति परिसर में रखा सैकड़ों बोरी अनाज भीग गया, फिर समय पर उचित देखभाल व सुखाने की व्यवस्था न होने के कारण वह अंकुरित होकर खराब हो गया.
बताया जा रहा है सहकारी समिति केरटू का प्रांगण आसपास की गली और नालियों से नीचा होने के कारण बरसात का पानी एकत्र होकर सीधे अनाज तक पहुंच गया. अनाज को खुले में रखने और पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई. सहकारी समितियो में गोदाम के अलावा बाहर अनाज रखने के लिए टीन शेड की व्यवस्था का प्रावधान है, ताकि खराब मौसम में भी अनाज को सुरक्षित रखा जा सके, लेकिन संबंधित समिति में इस व्यवस्था का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण अनाज भीग गया.
इस मामले पर पीसीएफ (PCF) के जिला प्रबंधक का कहना है कि गोदाम का हिस्सा नीचे होने और नाली टूट जाने के कारण वहां पानी भर गया था. जब उनसे पूछा गया कि वहां पर पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं? इस पर उन्होंने कहा कि वहां पर्याप्त व्यवस्था है और 200 MT का एक गोदाम भी वहां पर अनाज के भंडारण के लिए बनाया गया है. समिति का गोदाम थोड़ा नीचा है और बारिश की वजह से कई बार पानी भर जाता है. ज्यादा नहीं तकरीबन 10 बोरा गेहूं भीगा था, जिनके बोरे हमने चेंज करवा दिए थे.
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