कर्मचारी संगठनों ने की आर-पार की लड़ाई का ऐलान, 28 जनवरी से बजेगा आंदोलन का बिगुल
राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत की रविवार को हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में लिया गया आंदोलन का फैसला.

Published : January 4, 2026 at 6:08 PM IST
जयपुर: अपनी मांगों का निस्तारण नहीं होने और उपेक्षा से नाराज कर्मचारी संगठनों ने अब सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है. राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त भाषण एकीकृत के बैनर तले कर्मचारी संगठन अब 28 जनवरी से सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे. 28 जनवरी से कर्मचारी संगठन संभागवाइज धरने प्रदर्शन करेंगे. 28 जनवरी को उदयपुर में उदयपुर संभाग के कर्मचारी और अधिकारी सड़कों पर उतरकर धरना प्रदर्शन करेंगे और सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे. रविवार को राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ की कोई प्रदेश स्तरीय बैठक में धरने प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया है.
राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ का कहना है कि रविवार को प्रदेश कार्यालय में प्रदेश स्तरीय बैठक महासंघ के संरक्षक कुलदीप यादव के अध्यक्ष में हुई, जिसमें प्रदेश भर से आए कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया और सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया. गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि जब से प्रदेश में भजन लाल सरकार का गठन हुआ है तब से ही कर्मचारियों अधिकारियों की मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है. लगातार कर्मचारी संगठन इसे लेकर सरकार से मांग भी कर रहे हैं. कई बार मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान करने की मांग भी की है, लेकिन केवल आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है. जिसको लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है और अब यह कर्मचारी सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे.
उन्होंने कहा कि 28 जनवरी को उदयपुर में उदयपुर संभाग के कर्मचारी अधिकारी सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे. उसके बाद सातों संभागों पर प्रदर्शन किए जाएंगे और तब भी सरकार नहीं चेती तो फिर हम जयपुर में बड़ा आंदोलन करेंगे और सरकार को घेरने काम करेंगे.
ये हैं प्रमुख मांगें :
- विभिन्न विभागों में वर्षों से कार्यरत संविदा, प्लेसमेंट और मानदेय कर्मियों के लिए स्थाई नीति बनाकर उन्हें नियमित करना.
- सभी कैडरों में पदोन्नति के समान अवसर सुनिश्चित करना और रुकी हुई डीपीसी को तुरंत संपन्न कराना.
- सचिवालय के समान अन्य अधीनस्थ और मंत्रालयिक कर्मचारियों को भी भत्ते प्रदान करना और अन्य लंबित भत्तों का पुनरीक्षण करना.
- आरजीएचएस योजना में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना और निजी अस्पतालों में आ रही तकनीकी बाधाओं को स्थाई रूप से हल करना.
- खेमराज कमेटी द्वारा वेतन विसंगतियों को दूर करने के वादे को पूरा करना.

