मृत गौवंश मिलने का मामला: मंत्री कुमावत बोले-जैसलमेर में ठेका निरस्त, दोषियों पर होगी कार्रवाई
जैसलमेर में मृत गौवंश मामले में सरकार ने ठेका निरस्त करते हुए मामले की जांच शुरू की.

Published : May 26, 2026 at 7:03 PM IST
जयपुर : सीमावर्ती जिलों, खासकर जैसलमेर में बड़ी संख्या में मृत गौवंश मिलने की घटना सामने आने से किरकिरी झेल रही राज्य सरकार अब एक्शन मोड में दिखी. सरकार ने जैसलमेर जिला परिषद से जुड़े संबंधित ठेकेदार का ठेका तत्काल निरस्त कर दिया. मामले की जांच शुरू कर दी गई. पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार गौवंश संरक्षण के प्रति संवेदनशील है. सभी निकायों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मृत पशुओं के निस्तारण से लेकर जीवित पशुओं की देखभाल तक हर व्यवस्था समय पर सुनिश्चित की जाएगी.
पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने मंगलवार को सचिवालय में मीडिया से कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है. ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मृत पशुओं के निस्तारण को लेकर तय नियमों की अनदेखी की गई. इससे यह स्थिति पैदा हुई. सरकार ने संबंधित संवेदक का ठेका रद्द कर दिया. मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है. मंत्री कुमावत ने कहा, प्रदेश में अत्यधिक गर्मी और सर्दी में कमजोर एवं बीमार मवेशियों की मौत असामान्य नहीं है. उनके शवों के वैज्ञानिक और सुरक्षित निस्तारण के स्पष्ट नियम हैं. इनकी पालना कराने की जिम्मेदारी ठेकेदारों के साथ संबंधित अधिकारियों की भी है. प्रारंभिक जांच में ठेकेदार और स्थानीय निकाय के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है. जिन निकायों से ऐसी शिकायतें और तस्वीरें सामने आई, वहां के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है.
पशुधन संरक्षण राज्य की प्राथमिकता: मंत्री कुमावत ने सीमावर्ती इलाकों में लगातार बढ़ती गर्मी और जल संकट के बीच पशुओं की स्थिति को लेकर प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए. कहा-पशुधन संरक्षण राज्य की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इधर, विपक्ष इस मुद्दे को लेकर हमलावर है. सोशल मीडिया पर मृत गौवंश की तस्वीरें वायरल होने के बाद सवाल उठे थे कि आखिर गौसंरक्षण के बड़े दावों के बावजूद ऐसी स्थिति क्यों बनी?. इसके बाद सरकार ने प्रशासनिक जवाबदेही तय करनी शुरू की. मंत्री जोराराम ने कहा सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. इसके लिए मुख्य सचिव स्तर पर चर्चा की. सभी जिला कलेक्टरों को गोवंश के लिए चारे, पानी और छाया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
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