सिरोबगड़ डेंजर जोन का 95.12 करोड़ से होगा ट्रीटमेंट, श्रद्धालु और लोगों की आवाजाही होगी सुगम
चार दशक बाद होगा डेंजर सिरोबगड़ जोन का ट्रीटमेंट, 95.12 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी,,केदारनाथ व बद्रीनाथ यात्रा होगी और अधिक सुरक्षित व सुगम,,रूद्रप्रयाग

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 11, 2026 at 1:51 PM IST
रुद्रप्रयाग: चार दशक बाद बदरीनाथ हाईवे पर चारधाम यात्रियों के साथ ही चमोली और रुद्रप्रयाग की जनता के लिए नासूर बने डेंजर सिरोबगड़ जोन का ट्रीटमेंट होने जा रहा है. इसको लेकर 95.12 करोड़ धनराशि मिली है. जिसके बनने से चारधाम श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी और स्थानीय लोगों की आवाजाही भी सुगम होगी.
जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग के निरंतर प्रयासों और प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय राजमार्ग-07 (पुराना एनएच-58) पर सिरोबगड़ क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही भूस्खलन की समस्या के स्थायी समाधान होगा. भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सिरोबगड़ भूस्खलन ट्रीटमेंट कार्य को वार्षिक योजना 2025-26 के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान कर दी है.

स्वीकृत परियोजना के तहत सिरोबगड़ क्षेत्र में चेनाज 350.767 से 350.938 तक भूस्खलन उपचार कार्य कराया जाएगा. इस महत्वपूर्ण परियोजना की कुल स्वीकृत लागत लगभग 95.12 करोड़ रुपये है. इससे पूर्व राज्य लोक निर्माण विभाग द्वारा 96.11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे परीक्षण के उपरांत मंत्रालय स्तर पर संशोधित करते हुए स्वीकृति दी गई.
सिरोबगड़ क्षेत्र में बीते चार दशकों से भूस्खलन की गंभीर समस्या बनी हुई थी, जिसके चलते केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर बार-बार यातायात बाधित होता रहा है. इससे यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. जिला प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थलीय निरीक्षण, तकनीकी परीक्षण और प्रस्ताव को त्वरित रूप से उच्च स्तर तक भेजने के लिए लगातार प्रयास किए.

परियोजना के अंतर्गत ढीली चट्टानों की स्केलिंग, हाई टेन्साइल केबल नेट, डीटी मेश एवं रॉक एंकर के माध्यम से पहाड़ी ढलानों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा. इन तकनीकी उपायों से भविष्य में भूस्खलन की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा. यह कार्य ईपीसी (EPC) के आधार पर किया जाएगा.
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि सिरोबगड़ ट्रीटमेंट कार्य की स्वीकृति से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात अधिक सुरक्षित होगा. इससे चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी और स्थानीय लोगों की आवाजाही भी सुगम होगी. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जनसुरक्षा एवं जनसुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रहा है. बहरहाल, इस परियोजना की मंजूरी को चारधाम यात्रा मार्ग की सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास की दिशा में खास माना जा रहा है.
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