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जब मां के पेट में थी तब पिता का देहांत हो गया था, रुला देगी गोपालंगज के सोनी की कहानी, जिसे मिली है ट्राई साइकिल

बड़ी जद्दोजहद से स्कूल जाने वाली सोनी को ट्राई साइकिल मिल गई है. सोशल मीडिया का काफी अच्छा असर हुआ है. पढ़ें

DIVYANG STUDENT SONI GETS TRICYCLE
गोपालंगज की दिव्यांग छात्रा सोनी स्कूल जाते हुए (सौ. सोशल मीडिया X)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : March 12, 2026 at 8:25 PM IST

4 Min Read
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गोपालगंज : एक दिव्यांग छात्रा की पढ़ाई के प्रति जिद ने आखिरकार शासन-प्रशासन की नींद खोल दी. यह कहानी है गोपालगंज के भोरे प्रखंड के रामनगर गांव की रहने वाली सोनी की, जो शारीरिक बाधाओं के बावजूद अपने सपनों को साकार करने के लिए हर रोज संघर्ष कर रही थी.

दरअसल, सोनी पिछले दो वर्षों से बिना किसी वाहन के, अपनी दिव्यांगता के बावजूद दो किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाती थी. उसके पास आवागमन का कोई साधन नहीं था, लेकिन डॉक्टर बनने का सपना इतना प्रबल था कि उसने कभी हार नहीं मानी.

इसी बीच एक शख्स ने सोनी का पैदल स्कूल जाते हुए वीडियो बनाकर सोशल साइट (एक्स) पर अपलोड कर दिया. जिसके बाद भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर और अभिनेता सोनू सूद की नजर उस पर पड़ी. दोनों सेलिब्रिटी ने उसे शेयर कर दिया.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में सोनी की मासूमियत और शिक्षा के प्रति समर्पण देखकर नेटिजन्स भावुक हो उठे. देखते ही देखते यह मामला प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गया. जैसे ही वीडियो जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के संज्ञान में आया, अधिकारियों ने बिना समय गंवाए कार्रवाई की.

शासन के निर्देश पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार समेत कई अधिकारी सोनी के घर पहुंचे और उसे ट्राई-साइकिल भेंट की. आखिरकार दो साल का लंबा और कष्टकारी सफर अब एक नई सुगमता में बदल गया है. ट्राई-साइकिल पाकर सोनी के चेहरे पर जो मुस्कान दिखी, उसने साबित कर दिया कि सही समय पर मिली मदद किसी का जीवन बदल सकती है.

डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि ऐसी सूचना मिली थी कि बच्ची को ट्राई साइकिल नहीं मिली है. जिसके बाद हमारी पूरी टीम जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ बच्ची के घर पहुंची थी. बच्ची का एडमिशन राइट टू एजुकेशन के तहत ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल में हुआ है. ट्राई साइकिल नहीं मिलने के मामले में विभाग के अधिकारियों से बात की गई. जिसके बाद जानकारी मिली कि इस संदर्भ में कोई भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था. बच्ची को अब तक ट्राई साइकिल नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों पर शो कॉज किया जाएगा. उचित जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी.

Divyang Student Soni gets tricycle
सोनी को मिली ट्राई साइकिल (ETV Bharat)

''फिलहाल आज हमारे अधिकारियों द्वारा बच्ची के घर पहुंचकर ट्राई साइकिल और स्कूल बैग पाठ्य सामग्री प्रदान की गई. दिव्यांगता पेंशन के लिए अपलाई नहीं हुआ था, अगले दो से तीन दिन में हो जाएगा. बुनियादी केंद्र के महाप्रबंधक को निर्देश दिया गया है कि बच्ची का हर महीने एक बार मेडिकल चेकअप करा दिया जाए.''- पवन कुमार सिन्हा, डीएम, गोपालगंज

सोनी केवल स्कूल नहीं जाना चाहती, वह समाज सेवा का लक्ष्य लेकर चल रही है. उसने बताया कि वह बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है ताकि वह बीमार और जरूरतमंद लोगों की सेवा कर सके. उसकी इस हिम्मत ने न केवल उसके गांव, बल्कि पूरे जिले के लिए एक मिसाल पेश की है.

सोनी की उम्र 15 साल है, लेकिन वह पहली कक्षा की छात्रा है. इसका कारण यह है कि आर्थिक स्थिति और शारीरिक दिव्यांगता उसके आड़े आ रही थी. जब वह अपनी मां के पेट में पल रही थी, तभी उसके पिता का देहांत हो गया था.

घर चलाने की पूरी जिम्मेदारी सोनी की मां के ऊपर आ गई. दो बहनों में छोटी सोनी बचपन से पढ़ाई के प्रति काफी लगाव रखती थी. दो साल पहले सोनी की मां राजघाट गांव खेत में काम करने गई थी. जहां एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल अरुण कुमार से उनकी मुलाकात हुई. अरुण कुमार ने अपने स्कूल में नामांकन करके बच्ची की निःशुल्क पढ़ाई शुरू की.

सोनी ने स्कूल रोजाना जाना शुरू की और रोज घर से दो किलोमीटर दूर राजघाट गांव पढ़ने के लिए पैदल ही जाने लगी. बच्ची के द्वारा पढ़ाई के प्रति लगाव और मेहनत को देख हर कोई तारीफ करता है. सोनी की मां गुलाइची देवी दूसरों के खेतों में मजदूरी करके किसी तरह दो वक्त की रोटी का इंतजाम करती हैं. गरीबी का आलम यह है कि परिवार बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरस रहा है, फिर भी मां अपनी बेटी के सपनों को टूटने नहीं देना चाहती.

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