बालोद में बेखौफ गुंडों का कहर, घर में सो रहे ग्रामीण पर जानलेवा हमला, भिलाई से आरोपियों की गिरफ्तारी
बालोद पुलिस ने सायबर सेल की मदद से 24 घंटे के भीतर 6 आरोपियों को भिलाई धरदबोचा है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 5, 2026 at 1:52 PM IST
बालोद: सायबर सेल की मदद से देवरी थाना पुलिस ने युवक पर जानलेवा हमला करने के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए युवकों ने ग्राम सम्बलपुर (नाहंदा) में देर रात घर में घुसकर एक ग्रामीण पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया था. आरोपियों को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर भिलाई से गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों में 5 भिलाई (दुर्ग) और 1 स्थानीय क्षेत्र का रहने वाला है.
जानलेवा हमला करने के आरोपी पकड़े गए
देवरी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चौकी पिनकापार क्षेत्र के ग्राम सम्बलपुर में पीड़ित गौकरण साहू (पिता स्व. नारायण साहू) रोज की तरह रात में अपने परिवार के साथ घर के भीतर सो रहा था. इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर उन पर लाठी, डंडों और लकड़ी के राफ्टर से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. हमले में गौकरण के सिर, पीठ और कमर पर गंभीर चोटें आई. मारपीट की आवाज सुनकर पीड़ित की 13 वर्षीय नाबालिग बेटी जाग गई, उसने एक अज्ञात व्यक्ति को पीछे से भागते देखा.
पुरानी रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया. हमने इनपुट के आधार पर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है: मोनिका ठाकुर, ASP
बच्ची हमलावरों को नहीं पहचान पाई
परिजनों ने बताया कि बच्ची छोटी है लिहाजा वो किसी को पहचान नहीं पाई. वहीं हमले में जख्मी युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसका इलाज जारी है. घटना के बाद पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना देवरी में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई.
डेढ़ साल पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने अज्ञात आरोपियों की धरपकड़ के लिए थाना देवरी और साइबर सेल की एक विशेष टीम का गठन किया. फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस की एक टीम दुर्ग-भिलाई (मरोदा) के लिए रवाना हुई. वहां संदेही भानू प्रताप जैन को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो पूरे मामले का खुलासा हुआ.
पीड़ित ने की थी बेइज्जती
पूछताछ में मुख्य आरोपी भानू प्रताप ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले पीड़ित गौकरण साहू की पुत्री से उसकी जान-पहचान थी. इस पर आपत्ति जताते हुए गौकरण साहू ने भानू प्रताप और उसके माता-पिता को अपने घर बुलाकर गाली-गलौच की थी और बेइज्जत किया था. इसी अपमान का बदला लेने के लिए भानू प्रताप ने इस खूनी खेल की साजिश रची.
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
योजना मुताबिक, 30 जून 2026 को आरोपी भानू प्रताप भिलाई से अपने 5 साथियों के साथ दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर निकला. रास्ते में उन्होंने बहेराभाठा निवासी अपने एक और साथी को मदद के लिए साथ लिया. सम्बलपुर पहुंचकर उन्होंने दो साथियों को बाहर निगरानी (रेकी) के लिए खड़ा किया, जबकि भानू प्रताप सहित चार लोग घर के अंदर घुसे और सो रहे गौकरण पर जानलेवा हमला कर दिया
शिक्षक की कमी का विरोध, पालकों ने स्कूल में जड़ा ताला, एक शिक्षक पर 32 बच्चों का जिम्मा

