गोंडा एसपी ऑफिस में महिला ने की आत्मदाह की कोशिश, निजी अस्पताल पर बेटी को एक्सपायरी ब्लड चढ़ाने का आरोप
यूपी के गोंडा एसपी ऑफिस में उस समय हड़कंप मच गया जब मनकापुर की रुपाली नामक महिला ने आत्मदाह का प्रयास किया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 8, 2026 at 5:20 PM IST
गोंडा: यूपी के गोंडा जिले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक महिला ने आत्मघाती कदम उठाया. रुपाली नाम की इस महिला ने न्याय न मिलने पर एसपी ऑफिस परिसर में आत्मदाह की कोशिश कि. महिला को ज्वलनशील पदार्थ डालते देख वहां तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाई और तत्काल उसे पकड़कर रोक लिया.
बेटी की मौत पर हंगामा और आरोप: इसके बाद रूपाली ने एसपी कार्यालय में जमकर हंगामा किया और पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए.
पुलिसकर्मियों को महिला ने बताया कि उसकी 9 वर्ष की बेटी सिद्धि को तेज बुखार था, जिसके इलाज के लिए उसे जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. नवंबर माह 2025 में इलाज के दौरान उसकी बेटी की मौत हो गई थी.
एक्सपायरी ब्लड चढ़ाने का आरोप: महिला का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही उसकी बेटी की जान गई है. महिला ने दावा किया कि अस्पताल में उसकी बेटी को एक्सपायर्ड ब्लड चढ़ा दिया गया था, जिससे उसकी तबीयत और बिगड़ गई. महिला का कहना है कि उसने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को इस संबंध में साक्ष्यों के साथ शिकायती पत्र भी दिया था. लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने जांच पूरी करके अब तक दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की.
अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपा पत्र: रुपाली ने गोंडा के अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय से मुलाकात की. उसने एएसपी को एक नया शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई, जिस पर तुरंत संज्ञान लिया गया है. पुलिस प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब शिकायत को दोबारा सीएमओ के पास विस्तृत जांच के लिए भेजा है. न्याय के लिए भटक रही यह पीड़ित महिला मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बंदरहा गांव की रहने वाली है.
नवंबर 2025 में हुई थी बेटी की मौत: अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय ने बताया कि 8 जुलाई को मनकापुर की एक महिला ने आत्मदाह का प्रयास किया गया था. कार्यालय में मौजूद महिला पुलिस कर्मियों ने उसे तुरंत रोक दिया. प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने बताया गया कि उसकी बेटी की तबीयत बहुत खराब थी और उसका इलाज एक प्राइवेट नर्सिंग होम में चल रहा था. डॉक्टरों की कथित लापरवाही और गलत इलाज की वजह से उसकी बेटी की मौत हो गई थी.
जांच के बाद कानूनी कार्रवाई का भरोसा: महिला की शिकायत के बावजूद संबंधित डॉक्टरों के ऊपर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है. पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित महिला को ढाढस बंधाया और निष्पक्ष कार्रवाई का पूरा भरोसा दिया. उनसे उचित वैधानिक प्रार्थना पत्र ले लिया गया है और उसे जांच के लिए सीएमओ के पास भेजा गया है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी.

