यमुनानगर गोल्डन पुरी अजय हत्याकांड: दो साल बाद मास्टरमाइंड अमित गिरफ्तार
यमुनानगर में पुलिस ने साल 2023 अजय हत्याकांड के मास्टरमाइंड अमित को दो साल बाद गिरफ्तार कर लिया है.

Published : February 16, 2026 at 11:11 AM IST
यमुनानगर: जिले के गोल्डन पुरी इलाके में मार्च 2023 में हुए अजय हत्याकांड की गुत्थी आखिरकार दो साल बाद पूरी तरह सुलझती नजर आ रही है. पुलिस ने इस बहुचर्चित मर्डर मिस्ट्री के मास्टरमाइंड अमित को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में मृतक की पत्नी कोमल और उसकी सहेली सोनम को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता अब तक फरार था.
अवैध संबंध बना हत्या की वजह: इस पूरे मामले में प्रेसवार्ता कर डीएसपी राजीव मिगलानी ने कहा कि, "पुलिस जांच में सामने आया था कि अजय मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और यमुनानगर में आकर उसने कोमल से शादी की थी. अजय की पहले से एक पत्नी थी और वह कोमल को भी बिहार ले जाना चाहता था. इसी बीच अजय के किसी अन्य महिला के साथ संबंध होने की जानकारी कोमल को लगी. इससे दोनों के बीच विवाद बढ़ गया. इसी रंजिश के चलते कोमल ने अपनी सहेली सोनम और दोस्त अमित के साथ मिलकर अजय की हत्या की साजिश रची."
हत्या के बाद शव को जलाने की कोशिश: पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक घटना के बाद आरोपियों ने अजय की हत्या कर शव को ई-रिक्शा में डालकर घटनास्थल से दूर खेतों में ले जाकर आग के हवाले कर दिया. हालांकि शव पूरी तरह से नहीं जल पाया. पुलिस को मौके से खून के निशान और टूटी हुई कांच की बोतल भी बरामद हुई थी. अधजली अवस्था में मिले शव की शिनाख्त के बाद पुलिस ने कोमल को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ.
पहले पत्नी और सहेली गिरफ्तार: हत्या के खुलासे के बाद पुलिस ने कोमल और उसकी सहेली सोनम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. दोनों के खिलाफ अदालत में मामला विचाराधीन है और जल्द ही इस पर फैसला आने वाला था. लेकिन हत्या में शामिल मुख्य आरोपी अमित फरार चल रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी.
कोर्ट फैसले से पहले पुलिस को बड़ी सफलता: जगाधरी डीएसपी राजीव मिगलानी ने बताया कि, "पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर अमित को गिरफ्तार किया है. कोर्ट में पेश कर उसका पुलिस रिमांड लिया जाएगा, ताकि हत्या की साजिश और अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई तथा इसमें और कौन-कौन शामिल था."
दो साल बाद जांच पूरी होने की उम्मीद: करीब दो साल तक फरार रहने के बाद मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है. कोर्ट के फैसले से ठीक पहले हुई इस गिरफ्तारी से केस को और मजबूती मिलने की उम्मीद है. पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस सनसनीखेज हत्याकांड में कोई भी आरोपी कानून से बच न पाए.

