एमसीबी के गोहड़ारी नदी पर टूटे पुल से भारी दिक्कत, जनकपुर शहडोल मार्ग बाधित
8-10 दिन बाद भी शुरू नहीं हुआ काम, 350-400 स्कूली बच्चे और व्यापारी प्रभावित. रजनीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 28, 2026 at 6:04 PM IST
एमसीबी: छत्तीसगढ़ को मध्य प्रदेश से जोड़ने वाले जनकपुर-शहडोल मुख्य मार्ग पर स्थित गोहड़ारी नदी का पुल 20 अगस्त को क्षतिग्रस्त हो गया है. करीब आठ से दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मरम्मत का काम शुरू नहीं हो पाया है. पुल पर आवागमन प्रभावित होने से स्कूली बच्चों, ग्रामीणों, व्यापारियों और आम राहगीरों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
पुल के दोनों ओर बसों का आवागमन रुक गया है. यात्रियों और स्कूली बच्चों को एक बस से उतरकर करीब 500 मीटर पैदल चलना पड़ता है. इसके बाद दूसरी ओर खड़ी बस में सवार होकर आगे का सफर करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 350 से 400 स्कूली बच्चे आवागमन करते हैं. पुल की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है.
स्कूल के बच्चों को परेशानी हो रही है. इस पुल को जल्दी बनाना चाहिए ताकि स्कूल और कॉलेज के बच्चों को सुविधा मिल सके-गरीब मौर्य, स्थानीय

कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंकुर प्रताप सिंह ने पुल की मरम्मत में देरी को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि पुल क्षतिग्रस्त हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अबतक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है. पुल क्षतिग्रस्त होने से उस पार स्थित कई ग्राम पंचायतों के लोगों का संपर्क प्रभावित हुआ है.
एक हफ्ता हो गया लेकिन मरम्मत का काम शुरू नहीं हो पाया है. त्यौहार का समय है. लोगों को परेशानी हो रही है. मरम्मत का काम क्यों चालू नहीं हो रहा है? कोई हादसा होता है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा- अंकुर प्रताप सिंह, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष

नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने बताई स्थिति
नगर पंचायत उपाध्यक्ष नीलेश मिश्रा ने बताया कि कुछ दिन पहले हुई भारी बारिश के दौरान नदी में तेज बाढ़ आई थी, जिससे पुल को नुकसान पहुंचा. उनके अनुसार पुल में लगा बैरिकोट छूट गया है और पुल के पाए को भी नुकसान हुआ है. सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल पुल से आवागमन बंद कराया गया है और एसडीएम द्वारा आदेश जारी किया गया है.

चांगभखार क्षेत्र का करीब 90 प्रतिशत व्यापार मध्य प्रदेश से जुड़ा हुआ है. यह पुल मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है. पुल बंद होने से व्यापारियों के साथ करीब 350 से 400 स्कूली बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं. भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह से भी इस संबंध में चर्चा की है. वहीं पीडब्ल्यूडी एसडीओ से हुई बातचीत में बताया गया कि लगातार बारिश और नदी में जलस्तर अधिक होने के कारण फिलहाल मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है. बारिश थमने और जलस्तर सामान्य होने के बाद काम शुरू किए जाने की बात कही गई है-नीलेश मिश्रा, नगर पंचायत उपाध्यक्ष
पीडब्ल्यूडी ने कहा स्वीकृति के बाद होगा मरम्मत कार्य
पीडब्ल्यूडी एसडीओ राम प्रसाद चौधरी ने बताया कि क्षतिग्रस्त पुल की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है. मरम्मत के लिए प्रस्ताव और आवश्यक जानकारी उच्च स्तर पर भेजी जा चुकी है.
स्वीकृति प्राप्त होने के बाद मरम्मत कार्य कराया जाएगा. विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है-राम प्रसाद चौधरी,एसडीओ, पीडब्ल्यूडी
वैकल्पिक व्यवस्था की गई-कलेक्टर
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने बताया कि पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था की गई है. हालांकि यह मार्ग दूर होने के कारण फोर व्हीलर वाहनों को परेशानी हो रही है. वहीं टू-व्हीलर और पैदल आने-जाने वाले लोग अब भी पुल का उपयोग कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि पुल की मरम्मत/निर्माण के संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देशित किया गया है. विभाग को एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं. बजट स्वीकृत होने के बाद पुल का निर्माण कार्य कराया जाएगा.
27 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर रहे वाहन
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य मार्ग क्रमांक-03 के जयसिंहनगर-चांटी-जनकपुर-रामगढ़-वाड्रफनगर मार्ग पर जनकपुर से करीब 6 किलोमीटर और चांटी बैरियर से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर पतवाही क्षेत्र में गोहड़ारी नदी का यह पुल स्थित है.
पुल की क्षतिग्रस्त स्थिति को देखते हुए जन-माल की सुरक्षा के मद्देनजर चार पहिया वाहनों भारी वाहनों, बसों और ट्रकों के आवागमन पर आगामी आदेश तक प्रतिबंध लगाया गया है. प्रतिबंधित वाहनों के लिए जनकपुर से बहरासी, कुवांरपुर होते हुए चांटी बैरियर तक वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है. इससे करीब 20 किलोमीटर की दूरी बढ़कर लगभग 47 किलोमीटर हो गई है, यानी वाहन चालकों को करीब 27 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है.
प्रशासन ने आदेश के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 तथा मोटरयान अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई और जुर्माने की चेतावनी दी है. यह आदेश 20 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा, जब तक इसे पहले निरस्त या संशोधित नहीं किया जाता.
कौन-कौन प्रभावित?
ग्राम पंचायत-83
आश्रित गांव-181
कुल आबादी-88,750
पुल के दूसरी तरफ 8 ग्राम पंचायत
दूसरी तरफ की आबादी 8,116
इलाज के लिए मध्य प्रदेश पर निर्भर 85–90%
रेफर होने वाले मरीज शहडोल और रीवा,जबलपुर, कटनी,
वाहनों पर प्रतिबंध
गोहड़ारी पुल की क्षतिग्रस्त स्थिति को देखते हुए चार पहिया वाहनों, बसों, ट्रकों और भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया है.
उल्लंघन पर जुर्माना
प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर नियमों के तहत 2,500 से 12,500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है
पुल टूटने से सिर्फ रफ्तार नहीं रुकी, बल्कि ग्रामीणों के इलाज, शिक्षा और व्यापार पर भी असर पड़ रहा है

