गोवा अग्निकांड: CM रेखा गुप्ता ने की अहम बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश; बोलीं- 'एनओसी प्रक्रिया होगी पारदर्शी'
गोवा अग्निकांड के बाद, दिल्ली पुलिस और फायर डिपार्टमेंट द्वारा बढ़ाई गई सख्ती, जारी की एडवाइजरी.

Published : December 9, 2025 at 5:58 PM IST
|Updated : December 9, 2025 at 6:48 PM IST
नई दिल्ली: गोवा के रोमियो लेन रेस्टोरेंट में हुए हादसे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फायर विभाग के अधिकारियों आपात बैठक बुलाई. दिल्ली के गृहमंत्री आशीष सूद ने बताया कि गोवा जैसे हादसे से सबक लेते हुए सरकार ने यह आपात बैठक बुलाई है. विभाग की लाइसेंस प्रक्रिया की जांच उसे रेगुलेट करना और डीरेगुलेट करना इसको लेकर चर्चा की गई है. इसको लेकर किसी भी तरह की कोहताई नहीं बरती जाएगी.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गोवा में नाइट क्लब में लगी आग की घटना का उल्लेख करते हुए गहरी चिंता व्यक्त की, जिसमें 25 लोगों की मृत्यु हुई. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं चेतावनी हैं कि दिल्ली को हर समय सतर्क रहना होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़े आयोजनों, होटल, रेस्टोरेंट और क्लबों में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच बेहद आवश्यक है, ताकि ऐसे हादसों को पहले ही रोका जा सके. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपकरण नहीं हैं या मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए. उन्होंने ये भी कहा कि फायर सेफ्टी केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी प्रतिष्ठान मालिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे अपने परिसर में आग से सुरक्षा के सभी उपाय सुनिश्चित करें.
"हम लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बना रहे हैं ताकि लोग खुद लाइसेंस के लिए अप्लाई करें. अगर उसके बाद भी लोग कोताही बरतते हैं तो उनके ऊपर सख्त कार्रवाई की जाएगी. पिछली सरकारों में लाइसेंस प्रक्रिया में जो जटिलता की थी उसे दूर कर दिया गया. अब लाइसेंस लेना आसान हो गया है. बावजूद नियमों का पालन नहीं करते तो खैर नहीं.''- आशीष सूद, मंत्री, दिल्ली सरकार
मुख्यमंत्री ने आगे यह भी कहा कि कुछ शिकायतें आई हैं, जिनमें कहा गया है कि अनावश्यक नियमों और प्रक्रियाओं के कारण एनओसी मिलने में देरी हो रही. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों की पहचान कर रिपोर्ट दी जाए और नियमों को सरल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाए. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौजूदा प्रक्रियाओं की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर नई गाइड-लाइंस तैयार करें, ताकि दिल्ली में अग्निशमन प्रणाली तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय बन सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि फायर विभाग को आग बुझाने के लिए लगातार आधुनिक उपकरण दिए जा रहे हैं. अगर फिर भी विभाग को जिस भी संसाधन की आवश्यकता है, सरकार को सूचित करे. उसे तुरंत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. बता दें कि दिल्ली के रेस्तरां और बार में फायर सेफ्टी को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. हाल ही में गोवा में हुई एक त्रासदी के बाद, दिल्ली पुलिस और फायर डिपार्टमेंट द्वारा सख्ती बढ़ाई गई है. साथ ही सरकार द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है.
- कम फायर सेफ्टी एनओसी: दिल्ली में कई रेस्तरां, बार और क्लब वैध फायर सेफ्टी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के बिना चल रहे हैं. दिल्ली में सैड़कों प्रतिष्ठानों में से केवल 90 होटल और क्लब के पास ही यह सर्टिफिकेट है.
- एनओसी की अनिवार्यता: नियमों के अनुसार, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फायर सेफ्टी एनओसी लेना अनिवार्य है, जो 3 साल के लिए वैध होता है. यह सर्टिफिकेट जारी करने से पहले फायर टीम 20 प्रमुख बिंदुओं का निरीक्षण करती है.
- एडवाइजरी और सख्ती: गोवा हादसे के बाद, दिल्ली पुलिस ने रेस्तरां और बार संचालकों को कई बातों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है. फायर एक्सटिंग्विशर पूरी तरह से काम कर रहे हों. इमरजेंसी एग्जिट में कोई बाधा न हो और वे अलग-अलग हों. इलेक्ट्रिकल लोड की नियमित रूप से जांच, भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में सभी आपात प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य हो.
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