वैश्विक तनाव का असर: फरीदाबाद में तारकोल संकट से अटके सड़क निर्माण प्रोजेक्ट
अंतरराष्ट्रीय तनाव से कच्चे तेल की कमी के कारण फरीदाबाद में तारकोल संकट गहराया है. इसका असर सड़क निर्माण और मरम्मत पर पड़ रहा है.

Published : April 9, 2026 at 10:29 AM IST
फरीदाबाद: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के औद्योगिक शहरों तक पहुंचने लगा है. अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों ने कच्चे तेल की आपूर्ति को प्रभावित किया है. इसका सीधा असर सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले तारकोल (बिटुमेन) पर पड़ा है, जिससे फरीदाबाद में विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है.
तारकोल की कमी से अटके प्रोजेक्ट: जिले में तारकोल की कमी के चलते सड़क निर्माण और मरम्मत के कई प्रोजेक्ट अधर में लटक गए हैं. नगर निगम और संबंधित विभागों द्वारा शुरू किए गए दर्जनभर से अधिक कार्य फिलहाल बंद पड़े हैं. प्रमुख सड़कों में सेक्टर 12, कोर्ट परिसर, बल्लभगढ़ से समयपुर, समयपुर से सिमरथला, बुखारपुर से बादशाहपुर, अमोलीक चौक, एडोर चौक, नहर पार क्षेत्र, सेक्टर 78, अमृता अस्पताल के पीछे की सड़क और बाटा पुल जैसी अहम सड़कें शामिल हैं.
जनता को झेलनी पड़ रही परेशानी: सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य ठप होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जगह-जगह गड्ढों और टूटी सड़कों के कारण यातायात बाधित हो रहा है. इससे न केवल रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है. लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है.
बढ़ती कीमतें और सप्लाई की दिक्कत: लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रकाश लाल के अनुसार, जिले में एक दर्जन से अधिक सड़क परियोजनाएं तारकोल की कमी के कारण रुकी हुई हैं. उन्होंने बताया कि तारकोल की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है और ऑर्डर देने के कई दिनों बाद भी ठेकेदारों को पर्याप्त सामग्री नहीं मिल पा रही है, जिससे काम शुरू नहीं हो पा रहा.
सामान्य हालात का इंतजार: अब सभी की निगाहें अंतरराष्ट्रीय हालातों पर टिकी हैं. जैसे ही कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य होगी, वैसे ही तारकोल की उपलब्धता सुधरने की उम्मीद है. तब जाकर फरीदाबाद में रुके हुए विकास कार्य फिर से गति पकड़ पाएंगे. फिलहाल शहर की सड़कों पर काम की रफ्तार थमने से विकास पर ब्रेक लग गया है.
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