शराब तस्करी में लड़कियों का इस्तेमाल, माफियाओं ने बदला तरीका, पुलिस जांच में खुलासा
पलामू में शराब माफिया तरीका बदल-बदलकर तस्करी कर रहे हैं. लड़कियों को भी शराब की तस्करी में शामिल किया जा रहा है.

Published : December 12, 2025 at 3:19 PM IST
पलामू: जिले में शराब की तस्करी के लिए लड़कियों का इस्तेमाल हो रहा है. माफिया लड़कियों को पैसा दे रहे हैं और शराब की तस्करी में जोड़ रहे हैं. शराब की तस्करी के लिए अब बड़ी गाड़ी की जगह फैमिली कर का इस्तेमाल हो रहा है. शराब की तस्करी के लिए माफिया पैटर्न को बदल रहे हैं.
दरअसल पिछले दिनों पलामू के पांकी थाना क्षेत्र के एनवा मैनवा जंगल में पुलिस को अवैध शराब की फैक्ट्री मिली थी. अवैध शराब की फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस को तस्करी के बदले हुए नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली. जिस कार के माध्यम से पुलिस अवैध शराब की फैक्ट्री तक पहुंची थी, वह फैमिली कार की तरह इस्तेमाल हो रहा था. कार्रवाई के दौरान पुलिस को शराब तस्करों के मोबाइल से कई लड़कियों की फोटो और उनके नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली है.
तस्करी के दौरान लड़कियों को गाड़ी में बिठाया जाता है, पूछने पर बताते हैं कपल
तस्कर शराब की खेप को जिस गाड़ी से लेकर जाते हैं, उस गाड़ी में लड़कियों को बिठाया जाता है. गाड़ी में एक और लड़का भी बैठता था. रास्ते में चेकिंग के दौरान लड़की और लड़का खुद को कपल बताते हैं, ताकि पुलिस को शक न हो. शराब के तस्कर पिछले कुछ महीने से इस तरह के पैटर्न का इस्तेमाल कर रहे हैं. दरअलस पुलिस की कार्रवाई में लगातार बड़ी गाड़ी पकड़ी जा रही है. जिसके बाद माफियाओं ने पैटर्न को बदला है.
अवैध शराब की फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. कार्रवाई के दौरान कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है. माफिया तस्करी के लिए लड़की का इस्तेमाल कर रहे हैं. लड़की को गाड़ी में आगे बिठाया जाता है, ताकि पुलिस और कार्रवाई करने वाली एजेंसी को शक नहीं हो. पुलिस को कई बातों की जानकारी मिली है. जिसके बाद आगे की कार्रवाई भी की जा रही है और अलर्ट भी किया गया है. तस्करी में शामिल लोग बड़ी गाड़ी की जगह अब छोटी गाड़ी का भी इस्तेमाल कर रहे हैं. पुलिस नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और सभी इलाकों में निगरानी को बनाए हुए हैं. अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है.: रीष्मा रमेशन, एसपी
पुलिस की कार्रवाई में पकड़ी जा रही है शराब की बड़ी खेप
पलामू में अवैध शराब के खिलाफ हाल के दिनों में कई बड़ी कार्रवाई हुई है. पलामू बिहार से सटा हुआ इलाका है. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पलामू के इलाके में 33 करोड़ रुपए के अवैध मादक पदार्थों को पकड़ा गया था. जिनमें शराब सबसे अधिक थी. विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के दौरान 70 करोड़ रुपए से भी अधिक के अवैध शराब एवं मादक पदार्थों को पकड़ा गया था. जून महीने में पलामू के इलाके में सतबरवा थाना क्षेत्र से एक ट्रक शराब पकड़ी गई थी. पुलिस ने हरिहरगंज, छतरपुर पड़वा, लेस्लीगंज और पांकी के इलाके में कार्रवाई करते हुए बड़ी गाड़ियों से कई शराब की खेप को पकड़ा है.
समय के साथ तस्करी के तरीके बदल देते हैं माफिया
शराब माफिया समय के साथ तस्करी के तरीके को बदल देते हैं. पिछले कुछ वर्षों में पलामू में शराब के खिलाफ कार्रवाई में अधिकतर बड़ी गाड़ियां ही पकड़ी गई हैं. बड़ी गाड़ी के पकड़े जाने से शराब माफियाओं को करोड़ों का नुकसान हुआ है. यही वजह है कि माफिया अब छोटे-छोटे गाड़ियों का इस्तेमाल अधिक कर रहे हैं. तस्करी के लिए समय-समय पर पैटर्न भी बदला जा रहा है. गाड़ियों के मॉडल में बदलाव भी किया जाता है एवं उसके अंदरूनी ढांचे के साथ छेड़छाड़ कर शराब की तस्करी की जाती है.
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