जेल में कैसे बीती रिटायर्ड जज की पहली रात, गिरिबाला-समर्थ ने खाया कैदियों वाला खाना
रिटायर्ड जज और समर्थ सिंह की सेंट्रल जेल में बीती पहली रात, जेल अधीक्षक ने बताया कैसा रहा दोनों का व्यवहार.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 3, 2026 at 3:47 PM IST
भोपाल: मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में न्यायिक हिरासत में भेजी गईं पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की जेल में पहली रात बीती. सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए मां-बेटे दोनों को अन्य कैदियों से अलग रखा गया. रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह सुबह जल्दी उठे. उनके चेहरे पर कोई तनाव नहीं था. जेल अधीक्षक राकेश भागरे ने बताया कि पूरी तरह वह सामन्य और स्वस्थ्य थे.
सुबह जल्दी उठे, नाश्ते में खाया नमकीन दलिया
ट्विशा शर्मा मौत मामले मे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल गईं पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की जेल में पहली रात अच्छी रही. दोनों मां बेटे अच्छे से सोये और सुबह जल्दी उठे. रात को दोनों ने जेल में नाश्ते में नाश्ते में नमकीन दलिया खाने के बाद चाय पी, फिर लंच में 11 बजे करेला की सब्जी, दाल रोटी खाई. सभी से अच्छे से बातचीत भी की. कोई तनाव नजर नहीं आया, बल्कि जेल अधिकारियों से बातचीत भी अच्छे से की और उनसे कहा कि सब तरह का समय आता है, निकल जाता है.
गिरिबाला ने पूछा, सुबह जल्दी उठने में कोई परेशानी तो नहीं
यहां और भी कई बंदी रह रहे हैं, इसलिए यहां रहने में भी कोई परेशानी नहीं है. जेल पहुंचने के बाद गिरिबाला सिंह ने महिला प्रहरी से सबसे पहले जेल की दिनचर्या के बारे में जानकारी ली. उन्होंने महिला प्रहरी से पूछा कि यदि वह सुबह जल्दी उठती हैं, तो इससे किसी को कोई आपत्ति तो नहीं होगी. जेल स्टाफ ने उन्हें नियमों और व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए आश्वस्त किया.
गिरिबाला और समर्थ की कोई डिमांड नहीं-जेल अधीक्षक
जेल जल अधीक्षक राकेश भागरे ने बताया कि "रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह ने किसी विशेष सुविधा या भोजन की मांग नहीं की. सुबह उन्हें सामान्य कैदियों की तरह नाश्ते में नमकीन दलिया और चाय दिया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया. उन्होंने भोजन को लेकर कोई अतिरिक्त इच्छा नहीं जताई, सिर्फ उन्होंने इतना कहा कि पीने के लिए साफ और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाए. जेल प्रशासन ने उन्हें निर्धारित सुविधाओं के तहत सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है.

जेल अधीक्षक राकेश भागरे ने बताया की गिरिबाला सिंह को कोई बीमारी नहीं है, इसलिए कोई भी मेडिसिन की मांग उन्होंने नहीं की. वहीं समर्थ सिंह भी पूरी तरह सामान्य हैं. वह भी आम बोलचाल में अच्छे से बात कर रहा है."
सुरक्षा कारणों से अलग बैरक में रखा गया
पूर्व न्यायिक अधिकारी होने के कारण गिरिबाला सिंह की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है. उन्हें महिला बैरक से कुछ दूरी पर स्थित सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जहां उनकी गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जा रही है. फिलहाल उन्हें जेल के भीतर किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है, क्योंकि वह अभी दोषी सिद्ध नहीं हुए हैं. वहीं दूसरी और आरोपी समर्थ सिंह को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर जेल अधीक्षक ने उन्हें भी अन्य बंदियों से अलग रखने का फैसला लिया है.

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प्रशासन की विशेष निगरानी
मामले की संवेदनशीलता और दोनों आरोपियों की पहचान को देखते हुए जेल प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है. अधिकारियों का कहना है कि दोनों बंदियों को जेल नियमों के अनुरूप सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है. ट्विशा शर्मा मौत मामले में न्यायिक हिरासत के बाद जेल में बीती यह पहली रात अब चर्चा का विषय बनी हुई है. एक ओर पूर्व जज गिरिबाला सिंह शांत और संयमित नजर आईं, तो दूसरी ओर बेटे समर्थ सिंह की बेचैनी जेल के भीतर चर्चा का कारण बनी रही.

