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गाजियाबाद: ट्रॉनिका सिटी की एयर फिल्टर फैक्ट्री में भीषण आग, दमकल की गाड़ियों ने पाया काबू; टला बड़ा हादसा

ट्रोनिका सिटी की एयर फ़िल्टर फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल टीम ने पाया काबू.

ट्रॉनिका सिटी की एयर फिल्टर फैक्ट्री में आग की घटना
ट्रॉनिका सिटी की एयर फिल्टर फैक्ट्री में आग की घटना (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : August 31, 2026 at 4:27 PM IST

4 Min Read
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नई दिल्ली/गाजियाबाद: राजधानी दिल्ली से सटे औद्योगिक क्षेत्र ट्रोनिका सिटी में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक एयर फिल्टर निर्माता इकाई की बहुमंजिला इमारत के सबसे ऊपरी हिस्से में स्थित टिन शेड स्ट्रक्चर में अचानक आग लग गई. ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण चंद मिनटों में आग इतनी विकराल हो गई कि उसकी लपटें और काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जाने लगा. इस भीषण अग्निकांड के चलते आसपास की फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों और राहगीरों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई.

हालांकि, दमकल विभाग की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई की बदौलत लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया. राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरे अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई है और न ही कोई व्यक्ति घायल हुआ है.

गाजियाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल ने बताया कि आज दोपहर लगभग 12:36 बजे फायर स्टेशन ट्रोनिका सिटी को अग्निकांड की आपातकालीन सूचना प्राप्त हुई थी. सूचना मिलते ही दमकल विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया. जानकारी के अनुसार, ट्रोनिका सिटी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक जी+2 (ग्राउंड प्लस टू) इमारत में 'जिप फ़िल्टर्स' (अरुण एसोसिएट्स) नाम की कंपनी का संचालन होता था, जहां मुख्य रूप से एयर फ़िल्टर का निर्माण कार्य किया जाता था.

ट्रॉनिका सिटी आग की घटना पर क्या बोले सीएफओ राहुल पाल (ETV Bharat)

घटना की संवेदनशीलता और इलाके की घनी बसावट को देखते हुए तत्काल ट्रोनिका सिटी फायर स्टेशन से तीन फायर टेंडर मौके के लिए रवाना की गईं. हालांकि, जब पहली टीम मौके पर पहुंची तो आग की तीव्रता अत्यधिक थी और पूरी इमारत धुएं से घिर चुकी थी. स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए आसपास के अन्य दमकल केंद्रों से भी अतिरिक्त बैकअप और वॉटर ब्राउजर बुलाने का निर्णय लिया गया.

अग्निशमन विभाग ने त्वरित समन्वय स्थापित करते हुए वैशाली फायर स्टेशन से 22-22 हजार लीटर क्षमता के दो विशाल वॉटर ब्राउजर (कुल 44 हजार लीटर पानी), खेकड़ा फायर स्टेशन से एक 5 हजार लीटर क्षमता का फायर टेंडर तथा सहरसा से 5-5 हजार लीटर क्षमता के दो अन्य वॉटर टेंडर तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किए. इस प्रकार आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों के साथ एक बड़ा संयुक्त अभियान शुरू किया गया.

मौके पर स्थिति का आकलन करने पर पाया गया कि इमारत के सबसे ऊपरी फ्लोर पर बने टिन शेड स्ट्रक्चर में फ़िल्टर निर्माण का काम चल रहा था. फ़िल्टर निर्माण में इस्तेमाल होने वाले ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण आग बहुत तेजी से फैली और पूरे शेड को अपनी चपेट में ले लिया. जोखिम को देखते हुए फायर फाइटिंग कर्मचारियों ने तुरंत अपने गियर सेट (बीए सेट/ब्रीदिंग एपरेटस) पहने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए धुएं से भरी इमारत के भीतर प्रवेश किया. दमकल टीम ने रणनीति बनाते हुए इमारत के दोनों तरफ से होज पाइप फैलाए और एक साथ चार होज लाइनों को चालू करके आग पर चारों दिशाओं से पानी की तेज बौछारें शुरू कर दीं.

दमकलकर्मियों की लगातार दो घंटे तक चले इस सघन अभियान के बाद फायर सर्विस द्वारा आग को पूर्ण रूप से बुझा दिया गया. सीएफओ राहुल पाल ने दमकल टीम की सराहना करते हुए कहा कि कर्मचारियों की मुस्तैदी और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण आग को नीचे के अन्य फ्लोर (ग्राउंड, फर्स्ट और सेकंड फ्लोर) तक फैलने से रोक लिया गया. यदि आग निचले हिस्सों में पहुंच जाती, तो वहां रखी अन्य मशीनों और तैयार माल के कारण एक बेहद भीषण हादसा हो सकता था और करोड़ों का नुकसान होता. फिलहाल प्राथमिक आकलन के बाद अब आग लगने के सटीक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है.

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