ETV Bharat / state

गहलोत बोले, 'पार्टी हम सबसे बड़ी, व्यक्तिगत मतभेद बुलाकर निकाय चुनाव में प्रत्याशियों को जीत दिलाएं'

गहलोत ने कहा कि हो सकता है जिसे टिकट मिलने की संभावना हो, उससे हमारे मतभेद हों, लेकिन पार्टी हित सबसे ऊपर है.

Former Chief Minister Ashok Gehlot
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Source - Ashok Gehlot x handle)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 28, 2026 at 3:59 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

जयपुर: प्रदेश के 309 नगर निकायों में हो रहे चुनाव में कांग्रेस पार्टी में प्रत्याशी चयन के कवायद अंतिम दौर में है. हालांकि राजधानी जयपुर समेत कई जगह पर टिकट वितरण से पहले ही विरोध के सुर भी उठने लगे हैं. कई जगह टिकट बंटवारे को लेकर नेताओं के बीच ही आपस में खींचतान भी देखने को मिल रही है. इसी बीच प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने पार्टी नेताओं को बड़ी सीख दी है. गहलोत ने कहा कि पार्टी हम सबसे बड़ी है. इसलिए व्यक्तिगत मतभेद बुलाकर कांग्रेस प्रत्याशियों को जीत दिलाने का काम करें. गहलोत ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा पार्टी हम सबसे बड़ी है और पार्टी का हित ही हम सब का हित होना चाहिए.

वर्षों बाद निकाय चुनाव में कांग्रेस के पक्ष का माहौल: पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पक्ष में जो माहौल आज नगरीय निकाय चुनाव में देखने को मिल रहा है. वैसा वर्षों बाद देखने को मिला है, जनता का रुख साफ कांग्रेस के पक्ष में झुका हुआ है और यह जीत तय मानी जा रही है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जीत को और बड़ा और मजबूत बनाने का रास्ता टिकट जीतने की संभावना देखकर दिया जाना है. हो सकता है कि जिसे टिकट मिलने की संभावना है, उससे हमारे मतभेद हों, पर पार्टी के हित और अपने निकाय में बोर्ड बनाने के लिए कांग्रेस के हर प्रत्याशी की जीत जरूरी है. हमें व्यक्तिगत अनुराग और द्वेष छोड़कर पार्टी के हित में सोचना है. मैंने जोधपुर नगर निगम में भी यही फार्मूला रखा है.

पढ़ें: निकाय-पंचायत चुनाव 2026 : टिकट वितरण पर गहलोत बोले- सिफारिश नहीं जमीनी हकीकत के आधार पर तय हो उम्मीदवार

'पार्टी हम सबसे बड़ी': पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसको टिकट मिले, उसके लिए अपना सर्वस्व लगाकर मेहनत करना हम सब कार्यकर्ताओं का धर्म है. पार्टी हम सबसे बड़ी है और पार्टी का हित ही हम सब का हित होना चाहिए. इधर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस बयान को लेकर कांग्रेस गलियारों में चर्चाएं भी खूब हो रही हैं. पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं. कांग्रेस नेताओं का मानना है कि टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में विरोध देखने को मिल सकता है, जिन कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं मिलेगा वह बागी तेवर दिखाते हुए विरोध कर सकते हैं.