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बिहार के बैंक में 3.80 करोड़ का फ्रॉड, 2 मैनेजर समेत 28 लोगों के खिलाफ FIR

गया के कोटक महिंद्रा बैंक में फर्जी दस्तावेजों पर 3.80 करोड़ का लोन बांटने के आरोप में दो प्रबंधकों सहित 28 पर प्राथमिकी दर्ज.

gaya kotak mahindra bank fraud
गया स्थित कोटक महिंद्रा बैंक (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 28, 2026 at 8:56 AM IST

2 Min Read
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गया: बिहार के गया शहर में स्थित कोटक महिंद्रा बैंक से बैंकिंग फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है. सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जीबी रोड स्थित शाखा में करीब 3 करोड़ 80 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है. इस वित्तीय घोटाले को लेकर बैंक के दो तत्कालीन प्रबंधकों समेत 28 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. केस दर्ज होने के बाद स्थानीय पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है.

बैंक प्रबंधकों और जालसाजों की मिलीभगत: यह करोड़ों का फ्रॉड जालसाजों और बैंक के दो मैनेजर रैंक के अधिकारियों की आपसी मिलीभगत से अंजाम दिया गया. इतनी बड़ी राशि की हेराफेरी को लेकर कोटक महिंद्रा बैंक के सहायक प्रबंधक कुमार दीपेश ने सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. प्राथमिकी में दो सेवारत बैंक अधिकारियों के साथ कुल 28 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखा.

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सिविल लाइन थाना (ETV Bharat)

इंटरनल ऑडिट में खुली घोटाले की पोल: घोटाले का खुलासा तब हुआ जब बैंक की केंद्रीय टीम ने इंटरनल ऑडिट के दौरान कुछ संदिग्ध लोन खातों का सत्यापन किया. जांच में सामने आया कि फाइलों में दर्ज वाहनों के इंजन नंबर, चेचिस नंबर और ओनरशिप डिटेल पूरी तरह फर्जी थे. फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोन बांटे गए थे. ऑडिट टीम ने रिपोर्ट में साफ किया कि यह कोई मानवीय चूक नहीं बल्कि सोची-समझी बड़ी साजिश थी.

मोटे कमीशन के खेल में अधिकारी शामिल: दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, नामजद बैंक पदाधिकारियों में सेल्स डिवीजन के रिलेशनशिप मैनेजर वारिस आजम और टीम सेल्स मैनेजर रोहित राज शामिल हैं. आशंका जताई जा रही है कि मोटे कमीशन के लालच में इन अधिकारियों ने फर्जी फाइलों को आगे बढ़ाया. लोन स्वीकृत करने के लिए तय बैंकिंग नियमों का उल्लंघन किया गया. धोखाधड़ी की इस राशि को आपस में ठिकाने लगाया गया है.

"सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कर अलग-अलग पहलुओं से इसकी बारीकी से जांच की जा रही है. फिलहाल बैंक बंद होने के कारण शुरुआती स्तर पर रिकॉर्ड खंगाले गए हैं. पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है. जल्द ही इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी." - अभिनव, सिटी एसपी, गया

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