आज बिहार आएंगे गौतम अडानी, पीरपैंती में बन रहे 2400 MW पावर ड्रीम प्रोजेक्ट का लेंगे जायजा
गौतम अडानी रविवार को भागलपुर के पीरपैंती में 2400 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल मेगा पावर प्रोजेक्ट का जायजा लेंगे. सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं आपात व्यवस्था दुरुस्त.

Published : February 22, 2026 at 9:23 AM IST
भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती में प्रस्तावित 2400 मेगावाट क्षमता वाले अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट का जायजा लेने देश के प्रमुख उद्योगपति और अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी आज रविवार, 22 फरवरी को पहुंच रहे हैं. यह दौरा परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. परियोजना प्रमुख राजीव गोयल ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर दौरे के दौरान व्यापक सुरक्षा, मेडिकल और आपातकालीन व्यवस्थाओं की मांग की है.
हेलीकॉप्टर से हाई-प्रोफाइल विजिट: तय कार्यक्रम के अनुसार गौतम अडानी दोपहर 12 से 1 बजे के बीच हेलीकॉप्टर से परियोजना परिसर के हेलीपैड पर उतरेंगे. यहां वे निर्माण कार्यों की प्रगति का निरीक्षण करेंगे और स्थानीय अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे. यह दौरा अडानी समूह की बिहार में ऊर्जा क्षेत्र की महत्वाकांक्षी योजनाओं का प्रतीक है, जहां परियोजना को राज्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने वाला प्रमुख प्रोजेक्ट माना जा रहा है.
प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की: जिला प्रशासन ने इस हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए व्यापक तैयारियां की हैं. एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं कि हेलीपैड और परियोजना स्थल पर सशस्त्र पुलिस बल तथा लाठी बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए. विधि-व्यवस्था के अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, कहलगांव एसडीओ और एसडीपीओ को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है. सिविल सर्जन को मेडिकल टीम, क्रिटिकल केयर एंबुलेंस और आवश्यक दवाओं के साथ अलर्ट रहने का आदेश जारी किया गया है.
479 हेक्टेयर पर बनेगा आधुनिक ऊर्जा केंद्र: पीरपैंती प्रखंड के सिरमतपुर और आसपास के गांवों में लगभग 479 हेक्टेयर भूमि पर यह अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट विकसित किया जा रहा है. परियोजना स्थल के उत्तर में गंगा नदी, दक्षिण में नेशनल हाईवे और निकट में पीरपैंती रेलवे स्टेशन होने से लॉजिस्टिक्स सुविधा बेहद सुगम है. परियोजना को पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है, फिलहाल चहारदीवारी निर्माण और भूमि समतलीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है.

बिहार की ऊर्जा जरूरतों को मजबूती मिलेगी: विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी. अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक से उच्च दक्षता और कम उत्सर्जन सुनिश्चित होगा. साथ ही निर्माण चरण में हजारों रोजगार सृजन और संचालन के बाद स्थायी नौकरियां क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेंगी.
औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना को बढ़ावा: यह प्रोजेक्ट न केवल ऊर्जा क्षेत्र में बल्कि औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित होगा. अडानी समूह की यह पहल बिहार को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, जिससे राज्य में निवेश का नया दौर शुरू हो सकता है.
राज्य की ऊर्जा रणनीति का केंद्र: उद्योग जगत की बड़ी हस्ती गौतम अडानी के इस दौरे को प्रशासन और परियोजना प्रबंधन दोनों ही प्रतिष्ठा के रूप में देख रहे हैं. कड़ी सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारियां दर्शाती हैं कि पीरपैंती परियोजना बिहार की ऊर्जा रणनीति का अहम केंद्र बनने जा रही है, जो राज्य के भविष्य के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है.
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी पहल: विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना न केवल बिहार की बिजली जरूरतों को मजबूत करेगी बल्कि क्षेत्रीय रोजगार, औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना को भी नई गति दे सकती है.
"उद्योग जगत की बड़ी हस्ती के इस दौरे को प्रशासन और परियोजना प्रबंधन दोनों ही प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं. सुरक्षा और व्यवस्थाओं की कड़ी तैयारियां संकेत दे रही हैं कि पीरपैंती परियोजना राज्य की ऊर्जा रणनीति का अहम केंद्र बनने जा रही है."-विशेषज्ञ
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