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मध्य प्रदेश में दूसरी बार धंसा 2600 करोड़ से बन रहा ब्रिज, 40 फीट ऊंची दीवार 50 मीटर तक दरकी

गरोठ-उज्जैन हाइवे गुणवत्ता को लेकर फिर चर्चा में. हाइवे पर ट्रैफिक दौड़ने के बीच एक हिस्सा धंसा. राहुल सिंह राठौर की रिपोर्ट.

Garoth Ujjain Highway caved
दूसरी बार धंसा गरोठ-उज्जैन हाइवे, मरम्मत होगी (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : September 1, 2026 at 12:29 PM IST

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Updated : September 1, 2026 at 2:51 PM IST

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उज्जैन : दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे को जोड़ने वाले उज्जैन-गरोठ हाइवे के निर्माण के दौरान ब्रिज की 40 फीट ऊंची दीवार धंसने से एनएचएआई में हड़कंप है. अब क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा बनाने की तैयारी है. इससे पहले भी हाइवे निर्माण के दौरान एक हिस्सा धंस चुका है. दूसरी बार ऐसी ही घटना से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं.

उज्जैन-गरोठ हाइवे की लागत 2600 करोड़

सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर उज्जैन को चारों दिशाओं से नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे, एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की कवायद चल रही है. इसी के तहत उज्जैन-गरोठ हाइवे 2600 करोड़ से अधिक की लागत से बनाया जा रहा है. इसे NHAI के माध्यम से एक निजी एजेंसी द्वारा बनवाया जा रहा है. ये हाइवे इसलिए खास है क्योंकि ये दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे को जोड़ता है. निर्माण के दौरान गरोठ-उज्जैन हाइवे पर ब्रिज की 40 से 45 फुट ऊंची दीवार 50 मीटर लंबाई में धंस रही है. हाइवे की ब्रिज की दीवार धंसने का वीडियो ग्रामीणों ने बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है.

गरोठ-उज्जैन हाइवे की 40 फुट ऊंची दीवार दरकी (ETV BHARAT)

चंदेसरी के पास 7 किमी में काम जारी

इस मामले में NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर शिवम शर्मा ने ETV भारत को बताया "ये हाइवे दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे को गरोठ से जोड़ता है. गरोठ-उज्जैन का यह ग्रीनफील्ड मार्ग 135 किलोमीटर लंबा है. लगभग 129 किलोमीटर का मार्ग आवागमन के लिए शुरू भी कर दिया गया है, जो सुचारु रूप से कई महीने पहले से चल रहा है. अभी चंदेसरी के समीप हाइवे का निर्माण जारी है. 5 से 7 किलोमीटर में अभी काम चल रहा है. 22 अगस्त को एक्सपर्ट्स की टीम ने निरीक्षण किया था. इसमे IIT दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर भी थे."

आगामी 31 मार्च तक पूर होगा निर्माण

शिवम शर्मा का कहना है "हाइवे का क्षतिग्रस्त 500 मीटर हिस्सा खोलकर दोबारा बनाने का निर्णय लिया गया है, जो 31 मार्च 2027 तक पूरा करेंगे. उज्जैन से यह मार्ग देवास, इंदौर के हाइवे को कनेक्ट करता है, जो आगामी सिंहस्थ 2028 के हिसाब से महत्वपूर्ण साबित होगा. हाइवे के लिए NHAI ने 820 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की है. हाइवे पर कुल 83 गांव हैं और 6 टोल बनाये गए हैं. हाइवे पर 385 छोटे-बड़े पुल-पुलिया हैं. सड़क 60 मीटर चौड़ी है."

Last Updated : September 1, 2026 at 2:51 PM IST