पढ़ाई के लिए जोखिम में जान, अधूरे पुल पर सीढ़ी से चढ़ पैरी नदी पार कर रहे बच्चे, 3 साल से निर्माणाधीन
बारिश के दिनों में स्कूल जाने के लिए बच्चों को हर रोज अपनी जिंदगी खतरे में डालनी पड़ती है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : September 3, 2026 at 11:15 AM IST
गरियाबंद: मैनपुर विकासखंड में देहारगुड़ा और खामभाठा के बीच पैरी नदी पर बन रहा पुल सालों से अधूरा पड़ा है. पुल की हालत ये हैं कि पिलर्स के बीच झाड़ियां उग आई है. निर्माणाधीन पुल होने के कारण लोहे का सरिया पूरे पुल पर निकला हुआ हैं. लेकिन इसी पुल पर चढ़कर हर रोज बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है.
बारिश में स्कूल जाने के लिए हर रोज खतरा उठाते हैं बच्चे
इस समय बारिश का सीजन चल रहा है. लगातार बारिश से पैरी नदी उफान पर है. देहारगुड़ा के बच्चों को पढ़ने के लिए खामभाठा जाना पड़ता है लेकिन बीच में पैरी नदी पड़ती है. बारिश के दिनों में उफनती नदी को पार करने के लिए यहां के लोगों को इसी निर्माणाधीन पुल का सहारा लेना पड़ रहा है. सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को होता है.

बच्चों को स्कूल जाने के लिए पुल की चढ़ाई करनी पड़ती है. बच्चे 20 फीट ऊंचे पिलर पर लगी संकरी सरिया छड़ की सीढ़ी चढ़ते हैं. उसके बाद पिलर्स पर चढ़कर दो फीट चौड़ी प्लाई पर चलकर नदी पार करते हैं. नीचे 20 फीट गहरे गड्ढे हैं. एक छोटी सी फिसलन जानलेवा साबित हो सकती है. अधूरे पुल में जगह-जगह निकले नुकीले सरिए भी हादसे का खतरा बढ़ा रहे हैं. भारी स्कूल बैग के साथ बच्चे रोज इस खतरे भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं.
10 महीने में बनने वाला पुल 3 साल बाद भी नहीं बना
सितंबर 2023 से निर्माणाधीन यह पुल महज 10 महीने में पूरा होना था, लेकिन आज तीन साल बाद भी अधूरा पड़ा है. ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद पुल का काम पूरा नहीं हुआ.
बच्चों को स्कूल आने जाने में बहुत समस्या हो रही है. 20 फीट ऊपर सीढ़ी पर चढ़कर उन्हें अधूरा पुल पार करना पड़ रहा है. यदि सीढ़ी चढ़ने के दौरान पैर फिसलने से बच्चा खाई में गिर जाता है तो किसकी जिम्मेदारी होगी. 5 साल हो गया है लेकिन अब तक पुल अधूरा है- महेश दीवान, सरपंच, देहारगुड़ा
पैरी नदी में पुल साल 2022 से स्वीकृत है. 5 करोड़ की लागत से पुल बनना है लेकिन 5 साल गुजर जाने के बाद भी पुल का काम पूरा नहीं हो सका है. विष्णुदेव साय की सरकार निरंकुश सरकार है. स्मार्ट मीटर और दारू भट्टी सांय सांय चल रहा है लेकिन पुल का काम पूरा नहीं हुआ. यदि सरकार इस पर संज्ञान नहीं लेती है तो हम आंदोलन करेंगे- जनक लाल ध्रुव, विधायक, बिंद्रानवागढ़
सालों से अधूरा पुल तीन महीने में बनाने का दावा
ब्रिज कंस्ट्रक्शन विभाग के इंजीनियर से जब पुल निर्माण का काम रुकने का काम पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दो से तीन महीने में पुल निर्माण पूरा कर लिया जाएगा.
पुल का एप्रोच का काम बचा है, स्लैब का काम पूरा हो चुका है. पुल को साल 2024 में बन जाना था, एक साल का एक्सटेंशन जून 2025 तक था. दो तीन महीने में पुल के एप्रोच का काम पूरा कर लिया जाएगा. टेंपररी व्यवस्था की जाएगी -फागुलाल कुर्रे, इंजीनियर, ब्रिज कंस्ट्रक्शन विभाग
जिला शिक्षा अधिकारी ने एसडीएम को दी जानकारी
गरियाबंद जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने कहा कि नदी में पानी ज्यादा रहने के कारण बच्चों को पुल पार करना पड़ रहा है. बच्चों को इस तरह से पुल पार ना करने के निर्देश दिए गए है. उन्होंने आगे कहा कि इस संबंध में एसडीएम को भी बताया है कि निर्माण एजेंसी और ठेकेदार को जल्द पुल निर्माण के लिए निर्देशित करें.
जिला शिक्षा अधिकारी की सलाह
जिला शिक्षा अधिकारी ने ये भी बताया कि बच्चों को पुल पार कराने उनके परिजन और शिक्षक उनकी मदद करते हैं. अधिकारी ने ये भी सलाह दी है कि जिस गांव में बच्चे पढ़ने जाते हैं यदि वहां रिश्तेदार के घर बच्चे वहां रुक जाए और पानी कम होने की स्थिति में नदी पार कर अपने गांव आ सकते हैं.

