जशपुर में संगठित गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, दो तस्कर और दो आरक्षक गिरफ्तार
‘ऑपरेशन आघात’ के तहत दो माह में 344 किलो गांजा जब्त किया गया है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : March 3, 2026 at 6:12 PM IST
जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.
दो तस्कर के साथ ही दो आरक्षक भी गिरफ्तार
इस कार्रवाई में जहां दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया, वहीं जांच के दौरान दो पुलिस आरक्षकों की संलिप्तता सामने आने के बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है.पूरे घटनाक्रम ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है.
मुखबिर की सूचना पर रेड
28 फरवीर 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि रवि विश्वकर्मा नाम का शख्स, जो विवेकानंद कॉलोनी जशपुर में किराए के मकान में रहता है, अपने घर में भारी मात्रा में अवैध गांजा छिपाकर रखा है. सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना कोतवाली की टीम ने तत्काल दबिश की योजना बनाई और बताए गए पते पर दबिश दी.
किराए के मकान से 24 पैकेट गांजा बरामद
तलाशी के दौरान मकान में रखी एक पेटी से कुल 24 पैकेट गांजा बरामद किया गया और आरोपी रवि विश्वकर्मा को हिरासत में लिया गया. प्रारंभिक पूछताछ में रवि विश्वकर्मा ने खुलासा किया कि उसे गोविंद उर्फ सुनील भगत ने पैसों के एवज में अपने घर में गांजा रखने के लिए दिया था.

पुलिस ने मुख्य आरोपी गोविंद उर्फ सुनील भगत, निवासी तेली टोली (जैन मंदिर के पास) को भी गिरफ्तार कर लिया. जब्त गांजा का कुल वजन लगभग 24 किलो बताया गया है.

एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज
थाना जशपुर (कोतवाली) में अपराध क्रमांक 74/26 दर्ज करते हुए आरोपियों के विरुद्ध धारा 20 (B) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला कायम किया गया. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया.

पूछताछ में वर्दीधारियों की संलिप्तता उजागर
इस मामले ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया, जब मुख्य आरोपी गोविंद उर्फ सुनील से सघन पूछताछ में दो पुलिस आरक्षकों की भूमिका सामने आई. खुलासे के अनुसार थाना तपकरा में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 581 धीरेंद्र मधुकर, पिता करतार सिंह, उम्र 37 वर्ष के साथ ही आरक्षक क्रमांक 392 अमित त्रिपाठी, पिता स्वर्गीय राजदेव त्रिपाठी, उम्र 35 वर्ष कथित रूप से गांजा तस्करी के इस नेटवर्क में मिलकर काम कर रहे थे.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि जांच में दोनों आरक्षकों की संलिप्तता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. उनकी भूमिका और नेटवर्क में सहभागिता की गहन जांच जारी है.

ओडिशा सीमा से जुड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क
तपकरा थाना क्षेत्र छत्तीसगढ़-ओडिशा अंतरराज्यीय सीमा से सटा हुआ है. प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि ओडिशा से गांजा की खेप लाकर जशपुर के रास्ते अन्य राज्यों तक भेजी जाती थी. जानकारों के अनुसार ओडिशा से निकलने वाली खेप छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, झारखंड, बिहार, दिल्ली और महाराष्ट्र तक पहुंचती है. दूरी बढ़ने के साथ इसकी कीमत कई गुना तक बढ़ जाती है, जिससे तस्करों को भारी मुनाफा होता है. हाल ही में कुनकुरी पुलिस ने भी ओडिशा से मध्यप्रदेश के सिंगरौली ले जाई जा रही गांजा की खेप जब्त की थी, जिससे इस अंतरराज्यीय नेटवर्क की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

‘ऑपरेशन आघात’ के तहत सख्ती
जशपुर पुलिस नशीले पदार्थों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत विशेष अभियान चला रही है. एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के अनुसार बीते दो महीनों में पुलिस ने 344 किलो गांजा और 640 नग कफ सिरप जब्त किया गया है. इस अवधि में 13 तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 4 लग्जरी कार और 1 बाइक जब्त की गई. वहीं साल 2025 में भी पुलिस ने 45 तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 2 करोड़ 21 लाख 49 हजार रुपये मूल्य का गांजा और 11 वाहनों की जब्ती की थी.
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