झारखंड में अपराध का नया ट्रेंड, गैंगस्टर दहशत फैलाने के लिए करवा रहे फायरिंग, सोशल मीडिया पर खुलेआम ले रहे जिम्मेदारी
झारखंड में अपराध का नया ट्रेंड दिखने लगा है. अपराधी पहले फायरिंग करवाते हैं और उसके बाद खुलेआम सोशल मीडिया पर उसकी जिम्मेदारी लेते हैं.

Published : February 27, 2026 at 4:38 PM IST
रिपोर्टः प्रशांत
रांची: झारखंड के अपराध जगत में एक खतरनाक ट्रेंड उभर आया है. अपराधी पहले रंगदारी की मांग करते हैं, न मिलने पर फायरिंग करवाते हैं और फिर घटना की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर खुलेआम लेते हैं. इससे समाज में दहशत फैलती है और रंगदारी वसूली का रास्ता आसान हो जाता है. प्रिंस खान, राहुल सिंह और राहुल दुबे जैसे कुख्यात गैंगस्टरों के गिरोह इस पैटर्न पर सक्रिय हैं.
ऐसे दर्जनों मामले सामने आए हैं, जहां अपराध के बाद सोशल मीडिया को हथियार बनाकर दहशत फैलाई जा रही है. प्रिंस खान, राहुल सिंह और राहुल दुबे गैंग के द्वारा पहले अपराध और फिर उसकी जिम्मेदारी लेना इनदिनों आम बात हो गई है. नीचे आपको सिर्फ कुछ ही मामलों की सूची दी जा रही है, जबकि ऐसे दर्जनों मामले हैं. असल मे इन दिनों यह एक झारखंड के अपराध की दुनिया का चलन से हो गया है. जानकर बताते हैं कि ऐसा करने से समाज मे एक दहशत पैदा होता है और अपराधियों को रंगदारी मिलने का रास्ता साफ हो जाता है.
झारखंड में हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां अपराध के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली गई.
- 20 फरवरी: धनबाद के वासेपुर में जेल में बंद फहीम खान के बेटे के ड्राइवर पर फायरिंग हुई. भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान ने अपने गुर्गों से यह वारदात करवाई और फिर सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर जिम्मेदारी ली.
- 16 फरवरी: रामगढ़ जिले के भुरकुंडा में बिहारी राम पर फायरिंग. राहुल दुबे गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बिहारी राम को अपना नजदीकी बताते हुए बदला लेने की धमकी दी.
- 10 फरवरी: पश्चिमी सिंहभूम के आनंदपुर थाना क्षेत्र में मां वैष्णो कंपनी के दो वाहनों को आग के हवाले किया गया और फायरिंग हुई. अगले दिन अपराधियों ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली.
- 4 फरवरी: रांची में एक कार शोरूम के पास फायरिंग. कुख्यात राहुल सिंह ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी ली.
- 2 फरवरी: धनबाद में भाजपा के पूर्व विधायक संजीव सिंह के आवास पर बम हमला. अमन सिंह गैंग ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली.
- 30 जनवरी: खलारी कोलांचल क्षेत्र के पिपरवार में राजधार साइडिंग पर फायरिंग. राहुल सिंह गिरोह ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली.
- 16 जनवरी: मां अम्बे कंपनी, उरीमारी में तबाही मचाने वाली फायरिंग. अगले दिन राहुल दुबे गैंग ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली.
- 6 जनवरी: रामगढ़ के कुज्जू में बलुकरबारी के घर पर फायरिंग. राहुल दुबे गिरोह ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली.
पुलिस की कार्रवाई के बावजूद मैनपावर की कमी नहीं
सबसे अहम बात यह है कि गोलीबारी के मामलों में रांची सहित लगभग हर वैसे जिले जहां अपराधियों ने इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया वहां ताबड़तोड़ कार्रवाई भी की गई है. रांची, हजारीबाग, पलामू, रामगढ़ और लातेहार जैसे जिलों में प्रिंस खान, राहुल दुबे और राहुल सिंह गिरोहों के दो दर्जन से अधिक अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं. फिर भी नए युवा इनकी जगह ले रहे हैं. बड़े गैंगस्टर देश के बाहर (जैसे दुबई) बैठकर ऑपरेशन चला रहे हैं.

सोशल मीडिया से ही भर्ती और बहाली
सबसे हैरानी की बात तो यह है कि राहुल सिंह प्रिंस खान राहुल दुबे जैसे अपराधियों को सोशल मीडिया के जरिए नए लड़के मिल जा रहे हैं, जो उनके लिए वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. झारखंड एटीएस के एसपी ऋषभ झा ने बताया कि बड़े गैंगस्टर विदेश में बैठे हैं, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए नए लड़कों को लालच देकर अपराध की दुनिया में धकेल रहे हैं. युवाओं से अपील की है कि थोड़े पैसे के लालच में इनका मोहरा न बनें, क्योंकि इससे भविष्य बर्बाद हो जाता है.

आतंक की कमाई पर शिकंजा
झारखंड एटीएस एसपी ऋषभ झा ने बताया कि पिछले 15-20 दिनों में 40 से अधिक अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं. एटीएस ने दो दर्जन से अधिक लोगों की पहचान की है, जो इन गिरोहों की काली कमाई को बैंकों में जमा कर विभिन्न कारोबारों में लगा रहे थे. करोड़ों की संपत्ति का पता चल चुका है. अब जब्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अपराधियों के नाम वाली संपत्तियां सीधे जप्त की जाएंगी, जबकि रिश्तेदारों के नाम वाली संपत्तियों पर नोटिस जारी कर लीगल स्रोत साबित करने को कहा जाएगा. असफल होने पर कार्रवाई होगी. पुलिस का दावा है कि कार्रवाई लगातार जारी है और जल्द ही इन गैंगों का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त कर दिया जाएगा.
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