गैंग्स ऑफ वासेपुर का अंबिकापुर कनेक्शन..! 13 साल से बस संचालक के संरक्षण में छिपा हुआ था गैंगस्टर
राजहंस बस के संचालक वैदुल खान पर आरोपी गैंगस्टर साबीर आलम को संरक्षण देने का आरोप, झारखंड पुलिस पहुंची अंबिकापुर तब हुआ खुलासा

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 6, 2026 at 8:00 PM IST
सरगुजा: गैंग्स ऑफ वासेपुर का पार्ट-3 अगर बनाया गया तो उसकी कहानी का हिस्सा छत्तीसगढ़ का सरगुजा भी हो सकता है. दरअसल, वासेपुर के डॉन फहीम की मां और मौसी की हत्या के आरोप में फरार आरोपी साबीर आलम 13 साल से सरगुजा में रह रहा था. बड़ी बात ये है कि सरगुजा के राजहंस बस के संचालक वैदुल खान पर इसे संरक्षण देने का आरोप लगा है. साबीर आलम वैदुल खान के साथ कई व्यवसाय में पार्टनर बनाकर यहां काम कर रहा था.
झारखंड पुलिस पहुंची अंबिकापुर तब हुआ खुलासा
वासेपुर जैसी बड़ी घटना के तार सरगुजा से भी जुड़े हुए हैं इस बात का खुलासा तब हुआ जब झारखंड पुलिस 6 दिन पहले साबीर आलम को गिरफ्तार करने अंबिकापुर पहुंची. आरोपी अंबिकापुर के मोबीनपूरा में रह रहा था. जब झारखंड पुलिस यहां पहुंची तो सिविल ड्रेस में थी जिस कारण मोहल्ले वालों ने पुलिस को रोक दिया और मौके का फायदा उठाकर आरोपी फरार हो गया.
अब इस मामले की तस्दीक सरगुजा पुलिस ने की तो पाया कि ये व्यक्ति कोर्ट से फरार होकर सरगुजा में रह रहा था और बस संचालक वैदुल खान समेत कुछ लोगों ने इसे संरक्षण दिया हुआ था. जिसके बाद आज सरगुजा पुलिस ने मामले में वैदुल खान और कुछ लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, आज के झारखंड और तत्कालीन बिहार के वासेपुर के कोल माफिया फहीम खान की मां और मौसी की 18 अक्टूबर 2001 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मामले में वासेपुर के गैंग्स्टर साबीर आलम और उसके बड़े भाई समेत 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था. इस दौरान साबीर आलम कोर्ट से फरार हो गया था. झारखण्ड कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की थी. पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन गैंग्स्टर साबीर आलम 2013 से अंबिकापुर के मोबीनपूरा में छिपा हुआ था और खुलासा होने के बाद सरगुजा पुलिस ने संरक्षण देने वालो के खिलाफ अपराध दर्ज किया है.
थाना कोतवाली में एक अपराध पंजीबद्ध किया गया है. जिसमें आरोपी वैदुल खान अंबिकापुर मोबीनपुरा के रहने वाले हैं जो कि एक आजीवन कारावास के आरोपी की पहचान छिपाकर निवास कराने में मदद कर रहे थे, ऐसा पाया गया है, इस सम्बन्ध में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के जा रही है- अमोलक सिंह ढिल्लो, एडिशनल एसपी

