धमतरी में गंगरेल डूब प्रभावित किसान फिर धरने पर बैठे, हाई कोर्ट के फैसले की अवहेलना का लगाया आरोप
गंगरेल बांध प्रभावित जनकल्याण समिति ने कहा कि जबतक समस्या का समाधान नहीं होता, तबतक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 23, 2026 at 7:48 PM IST
धमतरी: गंगरेल बांध प्रभावित जनकल्याण समिति के नेतृत्व में गंगरेल बांध के डूब प्रभावित परिवारों द्वारा शहर के गांधी मैदान में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया गया है. यह निर्णय प्रभावित परिवारों की सामान्य बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया. प्रदर्शनकारियों के कहना है कि सालों से लंबित मांगों पर प्रशासन द्वारा कोई ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है. विशेष रूप से छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 16.12.2020 को पारित आदेश (रिट याचिका क्रमांक 5575/2008 एवं 3055/2016) के बावजूद पात्र प्रभावितों को समानता के आधार पर भूमि आवंटन अब तक सुनिश्चित नहीं किया गया है.
गंगरेल डूब प्रभावित किसान फिर धरने पर
दरअसल, धमतरी में हाईकोर्ट के आदेश का पालन नही होने से गंगरेल बांध डूब प्रभावित नाराज हो गए है, जिसको लेकर डूब प्रभावितों ने शासन प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. प्रभावित किसान अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर गांधी मैदान में बैठ गए हैं. गंगरेल बांध प्रभावित जनकल्याण समिति ने कहा, हजारों परिवारों ने गंगरेल बांध बनाने के लिए अपनी खेती जमीन और मकान दिए हैं. करीब 50 से 60 सालों से हमारी लड़ाई जारी है. इसके बाद भी हमें राहत नहीं मिल रही.
हाई कोर्ट के फैसले की अवहेलना का लगाया आरोप
प्रभावित परिवारों का कहना है कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के पश्चात भी आदेश का पालन न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. भूमि एवं स्थायी पुनर्वास के अभाव में अनेक परिवार आज भी असुरक्षित जीवन जीने को विवश हैं. बच्चों की शिक्षा, आजीविका के साधन तथा सामाजिक स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. समिति ने स्पष्ट घोषणा की है कि जब तक प्रभावितों की न्यायोचित मांगों का निराकरण नहीं किया जाता और उच्च न्यायालय के आदेश का पूर्ण पालन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक धरना-प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा. यह आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में संचालित किया जा रहा है.

गंगरेल बांध प्रभावित जनकल्याण समिति की मांग
गंगरेल बांध प्रभावित जनकल्याण समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष हरिशंकर मरकाम ने कहा, पूर्व में भी धरना प्रदर्शन किया गया था. जिसमें प्रशासन द्वारा कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया था. लेकिन प्रशासन के द्वारा मांगों को दरकिनार किया जा रहा है. मजबूर होकर के अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है. मरकमा ने यह भी बताया कि हाई कोर्ट के आदेश का भी अवहेलना जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है और शासन प्रशासन को आवेदन निवेदन देते थक गए हैं. सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा है. जिसके चलते मजबूर होकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. बताया कि करीब हजारों परिवार हैं और इसमें से कुछ परिवार को जोगीडीह में बसाया गया. आज भी जो भूमिहीन परिवार हैं वो भटक रहे हैं, उनको बसाया जाए यही मांग हम कर रहे हैं.
किसानों ने की न्याय की मांग
डूब प्रभावित रामनिहोरा निषाद ने कहा, हाई कोर्ट के फैसले को सर्वोपरि माना जाता है. लेकिन 5 साल बीत गए डूबान प्रभावितों के साथ धोखा हो रहा है. उन्होंने बताया कि आतंकवादियों को भी सरकार पुनर्वास दे रही है और शासन द्वारा प्रोत्साहन राशि भी दिया जा रहा है. उसके उपरांत पुनर्वास किया जा रहा है. लेकिन डूबान प्रभावितों के साथ लापरवाही हो रही है. समिति ने जिला प्रशासन से कहा कि शीघ्र सकारात्मक पहल कर प्रभावित परिवारों को उनका वैधानिक अधिकार दिलाया जाना चाहिए, जिससे वर्षों से लंबित न्याय की प्रतीक्षा समाप्त हो.
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