गंगा दशहरा के मौके पर कन्हर नदी के तट पर भव्य गंगा आरती, बड़ी संख्या में शामिल हुए शहरवासी
बनारस के पंडितों ने की कन्हर मैया की आरती, नदी के तट को दीपों से सजाते हुए इसके संरक्षण का लिया गया संकल्प

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : May 27, 2026 at 1:45 PM IST
बलरामुपर: रामानुजगंज में कन्हर नदी के तट पर भव्य गंगा दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया. बनारस के पंडितों ने महामाया मंदिर के पास कन्हर मैया की महाआरती की, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि शामिल हुए.

कन्हर तट पर बनारस जैसी भव्य आरती
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की जीवनदायिनी मानी जाने वाली कन्हर नदी के तट पर इस वर्ष गंगा दशहरा का त्योहार बेहद धूमधाम से मनाया गया. महामाया मंदिर के पास स्थित कन्हर घाट पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी से विशेष रूप से आए विद्वान पंडितों ने पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ कन्हर मैया की भव्य महाआरती संपन्न कराई. इस दौरान कन्हर नदी के तट को दीपों से सजाया गया था, जिससे पूरा नजारा बनारस के घाटों जैसा दिव्य और विहंगम प्रतीत हो रहा था.
श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़
इस पावन अवसर पर कन्हर मैया के दर्शन और आरती में शामिल होने के लिए पूरे रामानुजगंज शहर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े. कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. महिलाओं ने कन्हर नदी की विशेष पूजा-अर्चना की, घाट पर दीप जलाए और अपने परिवार व क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की.
जनप्रतिनिधियों ने भी लगाई हाजिरी
धार्मिक आस्था के इस बड़े समागम में आम नागरिकों के साथ-साथ क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्थानीय नगरपालिका अध्यक्ष और जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए. सभी ने कन्हर नदी को क्षेत्र की जीवनरेखा बताते हुए इसके संरक्षण का संकल्प लिया.
भक्ति के रंग में डूबा रामानुजगंज
शाम के समय जैसे ही शंखनाद और घंटियों की आवाज के साथ महाआरती शुरू हुई, पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. भजन-कीर्तन और 'गंगा मैया की जय' व 'कन्हर मैया की जय' के जयकारों से पूरा घाट गूंज उठा. इस आयोजन ने स्थानीय लोगों को कन्हर नदी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने और अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान किया.

