साइबर पुलिस ने 12 करोड़ की ठगी के आरोपी को दबोचा, चाइनीज साइबर नेक्सस का हुआ पर्दाफाश
नोएडा पुलिस ने शेयर मार्केट मे इन्वेस्टमेंट कर लाभ कमाने के नाम पर लगभग 35 करोड रूपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया.

Published : December 18, 2025 at 9:05 PM IST
नई दिल्ली/नोएडा: अगर आप भी शेयर मार्केट में निवेश कर रातों-रात अमीर बनने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ी चेतावनी है. साइबर पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार सीधे चाइनीज ठगों से जुड़े हैं. साइबर थाना नोएडा पुलिस ने शेयर मार्केट मे इन्वेस्टमेंट कर लाभ कमाने के नाम पर पूरे देश में लगभग 35 करोड रूपए से ज्यादा की धोखाधड़ी और ठगी करने वाले चाइनीज साइबर ठगों से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया.
पुलिस की गिरफ्त में खडे सुधाकर गर्ग को साइबर पुलिस ने रोहतक, हरियाणा से से गिरफ्तार किया है. जो भोले लोगो को इन्वेस्टमेंट के नाम पर अपना शिकार बनाता था. डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि वादी द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर दिनांक 3 दिसम्बर को मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें साइबर अपराधी द्वारा वादी को शेयर मार्केट मे इन्वेस्टमेंट कर लाभ कमाने के नाम पर 12 करोड रुपए की धोखाधड़ी की गयी. पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए धोखाधड़ी मे लिप्त संदिग्ध बैंक खातो को तत्काल फ्रीज़ कराया, जिसके बाद की गई जांच में 5 दिसंबर को चार आरोपियो को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. फिर 2 सहयोगियो, को मुंबई पुलिस तथा दो आरोपियों को हैदराबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है.
डीसीपी साइबर ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह इंस्टाग्राम के जरिए राशिद खान उर्फ लकी के संपर्क में आया. वह फर्जी GST फर्म और करंट बैंक खाते खुलवाता था, धोखाधड़ी की रकम इन खातों में मंगवाई जाती थी और बदले में इन्हें 7 से 10 प्रतिशत का कमीशन मिलता था. ब्लैक मनी को ठिकाने लगाने के लिए ये अपराधी 'Binance' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे. ठगी की रकम को USDT में बदलकर उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बेचा जाता था, ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके.
जांच में पता चला है कि अभियुक्त के 5 बैंक खातों के खिलाफ पूरे देश में 37 शिकायतें दर्ज हैं. कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के लोग इनके जाल में फंसे हैं. इस मामले में पहले भी 4 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और कुछ सह-अभियुक्त मुंबई और हैदराबाद पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है.
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