खाटूश्यामजी में भक्तों को लूटने वाला बड़ा गिरोह बेनकाब, 10 महिलाओं समेत 18 आरोपी गिरफ्तार
पूर्व में हुई घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने इस बार रणनीति बनाकर गिरोह पर नजर रखी और वारदात से पहले ही धर दबोचा.


Published : January 3, 2026 at 5:59 PM IST
सीकर: विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल खाटूश्यामजी में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग और जेब काटने की वारदातें करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस गिरोह के 18 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 10 महिलाएं शामिल हैं. इस गिरोह में ससुर, बेटा, बहू, पति-पत्नी और अन्य रिश्तेदार एक साथ मिलकर अपराध को अंजाम दे रहे थे.
नए साल पर पुलिस की विशेष प्लानिंग: खाटूश्यामजी थाना प्रभारी पवन कुमार चौबे ने बताया कि पहले एकादशी और मासिक मेलों के दौरान चेन स्नैचिंग की कई शिकायतें मिल चुकी थीं. नए साल के मौके पर भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने विशेष रणनीति बनाई. पुलिसकर्मियों की सादा वर्दी में एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर तैनाती की गई. पुलिसकर्मियों ने पुराने मामलों के तरीकों का अध्ययन किया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी. जैसे ही गिरोह के सदस्य श्रद्धालुओं के बीच संदिग्ध रूप से घूमते नजर आए, पुलिस ने उन्हें घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया. पूछताछ में आरोपियों ने चेन स्नैचिंग और जेबकटी की वारदातें करना कबूल किया.
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ये आरोपी हुए गिरफ्तार: पुलिस ने जिन 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें भूमिका (20) पत्नी दीपक, पिंकी (27) पत्नी मनोज बावरिया, पूजा (28) पत्नी सोनू, टीना (29) पत्नी विकास, शर्मिला (37) पत्नी रामचंद्र, ज्योति (30) पत्नी राजकुमार, काजल (20) पुत्री सुंदरलाल, राखी कुमारी (23) पुत्री रमेश, दर्शना (40) पत्नी राजू और कोमल (22) पुत्री रामानंद शामिल हैं. पुरुष आरोपियों में जयपाल (62) पुत्र चंद्रभान, राजकुमार (30) पुत्र जयपाल, जयकरण (34) पुत्र रमेश, मोहनसिंह (24) पुत्र भूपसिंह, दीपक (22) पुत्र राजू, भरतपाल (21) पुत्र राजेश, रोहित (24) पुत्र किशनपाल और प्रवीण चौहान (23) पुत्र उम्मेद सिंह शामिल हैं. अधिकतर आरोपी हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं.
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'इस बार एक भी वारदात नहीं हुई': एसएचओ पवन कुमार चौबे ने बताया कि इस बार भारी भीड़ के बावजूद खाटूश्यामजी में चेन स्नैचिंग की एक भी घटना नहीं हुई. पुलिस की सतर्कता और समय रहते की गई कार्रवाई से गिरोह को वारदात करने का मौका नहीं मिला. पुलिस के अनुसार यह गिरोह पिछले सात-आठ महीनों से सक्रिय था और हर महीने एकादशी, मासिक मेले और अन्य भीड़भाड़ वाले अवसरों पर खाटूश्यामजी आकर वारदात करता था. आरोपी किराए की गाड़ियों से आते, भीड़ का फायदा उठाकर सोने की चेन छीनते और फिर तुरंत इलाके से फरार हो जाते थे.
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महिलाओं की खास भूमिका, पुरुष संभालते थे माल: जांच में सामने आया कि गिरोह की महिलाएं एक ग्रुप बनाकर श्रद्धालुओं को टारगेट करती थीं. वे दर्शन के दौरान या प्रवेश-निकास मार्ग पर किसी एक व्यक्ति को घेर लेतीं, उससे बातचीत में उलझातीं और इसी दौरान बड़ी सफाई से गले से सोने की चेन खींच लेती थीं. वारदात के तुरंत बाद महिलाएं या तो मौके से फरार हो जाती थीं या फिर चेन अपने पुरुष साथियों को सौंप देती थीं, ताकि पकड़े जाने की स्थिति में उनके पास से चोरी का माल बरामद न हो सके.

