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अंकिता भंडारी कांड की CBI जांच पर खत्म नहीं हुआ आंदोलन, कांग्रेस ने VIP पहलू पर उठाए सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार से अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति का पत्र सार्वजनिक करने की मांग की

ANKITA BHANDARI CBI INVESTIGATION
कांग्रेस ने संस्तुति लेटर सार्वजनिक करने की मांग की (Photo- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 10, 2026 at 12:56 PM IST

5 Min Read
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देहरादून: अंकिता भंडारी मामले पर CBI जांच की संस्तुति भी विवाद को खत्म नहीं कर पा रही है. अब कांग्रेस सीबीआई जांच के पहलुओं पर सवाल उठाने लगी है. दरअसल सीबीआई की जांच VIP को ढूंढने पर केंद्रित होगी. यह बात सामने आते ही कांग्रेस ने अब इसी पर सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है. ईटीवी भारत ने एक दिन पहले ही सीबीआई जांच के बिंदु पर खबर प्रकाशित की थी. जिसके बाद कांग्रेस ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगना शुरू कर दिया है.

अंकिता भंडारी मामले में CBI जांच पर खत्म नहीं हुआ आंदोलन: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. अंकिता के माता-पिता का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलना और उसके बाद खुद मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो जारी कर सीबीआई जांच की संस्तुति करने की घोषणा करना, बीते कुछ दिनों से प्रदेश की सियासत का केंद्र बना हुआ है. सरकार को उम्मीद थी कि सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद यह मामला शांत हो जाएगा और जनता का आक्रोश कुछ हद तक कम होगा. लेकिन फिलहाल ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है.

कांग्रेस ने शुरू की सवालों की बौछार: ईटीवी भारत ने एक दिन पहले सीबीआई जांच से जुड़े जिन बिंदुओं को बताया था, वही बिंदु विवाद की वजह बन गए हैं. खबर में यह साफ हुआ कि प्रस्तावित सीबीआई जांच का फोकस मुख्य रूप से उस तथाकथित VIP पर रहेगा, जिसका नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड में शुरू से सामने आता रहा है. इसी बिंदु को लेकर अब कांग्रेस ने सरकार पर सवालों की बौछार शुरू कर दी है.

सीबीआई जांच वीआईपी तक सीमित रही तो कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा: कांग्रेस का कहना है कि यदि सीबीआई जांच केवल VIP तक सीमित रहती है, तो यह न्याय के साथ समझौता होगा. इस पूरे मामले में कांग्रेस एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाती दिख रही है. ईटीवी भारत से बातचीत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने साफ कहा कि-

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए शुरू हुआ आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है. हम यह भी स्पष्ट करते हैं कि 11 जनवरी को प्रस्तावित बंद का आह्वान अब भी कायम है. इसमें सभी संगठन और राजनीतिक दल शामिल रहेंगे.
-गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस-

कांग्रेस ने पूछा जांच का दायरा क्या रहेगा: दरअसल अंकिता भंडारी की हत्या के बाद जिस VIP का जिक्र सामने आया था, वही सरकार के लिए लगातार राजनीतिक संकट का कारण बनता जा रहा है. इस मामले में न केवल विपक्षी दल, बल्कि सामाजिक संगठन और आम लोग भी खुलकर अपना आक्रोश जाहिर कर रहे हैं. करीब एक सप्ताह तक चले इस पूरे घटनाक्रम के बाद सरकार को सीबीआई जांच की संस्तुति करनी पड़ी. लेकिन जांच का दायरा क्या होगा, किन-किन बिंदुओं पर जांच होगी और किस स्तर तक कार्रवाई पहुंचेगी, इस पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है.

कांग्रेस ने सीबीआई जांच की सिफारिश वाला लेटर सार्वजनिक करने की मांग की: गणेश गोदियाल का कहना है कि-

सरकार को वह पत्र सार्वजनिक करना चाहिए, जो केंद्र सरकार को सीबीआई जांच की सिफारिश के तौर पर भेजा गया है. कांग्रेस चाहती है कि उस पत्र के जरिए यह साफ हो जाए, कि जांच केवल VIP तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे प्रकरण में शामिल सभी दोषियों तक पहुंचेगी. कांग्रेस का आरोप है कि रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाने वाले और सबूतों को प्रभावित करने वाले लोग भी उतने ही बड़े गुनहगार हैं, जितना बड़ा वह VIP बताया जा रहा है.
-गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस-

उत्तराखंड में जारी रहेगा आंदोलन: फिलहाल कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है. पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि वह आंदोलन को जारी रखेगी और आने वाले दिनों में सरकार पर स्थिति स्पष्ट करने का दबाव और बढ़ाया जाएगा. अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर अब यह साफ हो गया है कि सीबीआई जांच की घोषणा के बाद भी उत्तराखंड की राजनीति में यह मामला लंबे समय तक चर्चा और संघर्ष का विषय बना रहेगा.
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