बिहार में गंडक का तांडव: बाढ़ का पानी उतरते ही कटाव तेज, 100 से ज्यादा घर नदी में समाए
बगहा में गंडक नदी के तेज कटाव से बगहा में 100 से ज्यादा घर बहे, स्कूल और खेतों पर खतरा मंडराया. दिलीप कुमार की रिपोर्ट

Published : August 19, 2026 at 6:24 PM IST
प.चंपारण(बगहा): बिहार के पं चंपारण स्थित बगहा में बाढ़ का पानी उतरते ही गंडक नदी ने तबाही का एक नया रूप दिखाना शुरू कर दिया है. बगहा के मधुबनी प्रखंड के धनहा क्षेत्र में नदी का कटाव लगातार बढ़ता जा रहा है. रेवहिया गांव में 100 से ज्यादा घर गंडक की तेज धारा में समा चुके हैं और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं.
उजड़ते आशियाने और बेबसी का मंजर: हालात ऐसे हैं कि लोग अपने घरों को चाने की उम्मीद छोड़कर खुद ही अपना आशियाना तोड़ रहे हैं. वे अपना सामान सुरक्षित जगह ले जाने को मजबूर हैं. गांव में कभी जहां घर और खेत नजर आते थे, वहां अब गंडक की तेज धारा बह रही है और हर तरफ उजड़ी जमीन, टूटे मकान और बेबसी का मंजर है.
जिंदगी भर की जमा पूंजी बर्बाद: ग्रामीण दीपक कुमार का कहना है कि उनके लिए यह सिर्फ जमीन का कटाव नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत और जिंदगी भर की जमा पूंजी के उजड़ने की त्रासदी है. गंडक का यह भीषण कटाव अब गांव से आगे बढ़कर स्कूल की चौखट तक पहुंच गया है. नदी की तेज धारा स्कूल की बाउंड्री का हिस्सा पहले ही काटकर अपने साथ बहा ले गई है.
स्कूल भवन और खेतों पर मंडराया खतरा: ग्रामीण संतोष के मुताबिक अब स्कूल के ठीक पास में लगातार कटाव हो रहा है जिससे स्कूल भवन पर भी खतरा मंडराने लगा है. जिस स्कूल में बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की नींव तैयार होती है, आज उसी स्कूल का अस्तित्व खतरे में है. अगर कटाव की रफ्तार नहीं थमी तो आने वाले दिनों में स्कूल भवन भी गंडक की धारा की जद में आ सकता है.
किसानों की जमीन भी निगल रही नदी: ग्रामीणों का कहना है कि नदी लगातार आसपास के खेतों को भी काट रही है. किसानों की वर्षों की मेहनत से तैयार जमीन देखते ही देखते गंडक में समा रही है. एक तरफ लोग अपना घर बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो दूसरी तरफ खेत और जमीन खोने का दर्द झेल रहे हैं.

फ्लड फाइटिंग का इंतजार: स्थानीय ग्रामीण भिरगुन गद्दी का कहना है कि कटाव की सूचना के बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची है. कटाव प्रभावित इलाके में विभाग द्वारा बोरियों का स्टॉक कराया गया है, लेकिन उससे कोई राहत नहीं मिल रही है. ग्रामीण अब राहत के लिए फ्लड फाइटिंग कार्य तुरंत शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं.
"कटाव की सूचना के बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची है. कटाव प्रभावित इलाके में विभाग द्वारा बोरियों का स्टॉक कराया गया है, लेकिन उससे कोई राहत नहीं मिल रही है."- भिरगुन गद्दी, स्थानीय ग्रामीण
तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग: ग्रामीणों की मांग है कि कटाव रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं. क्योंकि गंडक अब खेतों से आगे बढ़कर गांव और स्कूल की चौखट तक पहुंच चुकी है. जिस गांव में कभी जिंदगी बसती थी आज वहां गंडक तबाही की कहानी लिख रही है. ग्रामीणों को डर है कि अगर समय रहते कटाव नहीं रोका गया तो गंडक उनका बचा-खुचा आशियाना भी अपने साथ बहा ले जाएगी.
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