हेलमेट से किया दोस्ती का कत्ल, अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा
धमतरी जिला अदालत ने एक हत्या के केस में आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 29, 2026 at 6:12 PM IST
धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक शख्स की हत्या के केस में आरोपी दोस्त को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है. पुलिस तफ्तीश में खुलासा हुआ कि आरोपी ने पुरानी रंजिश में अपने दोस्त की हत्या कर दी थी. उसके शव को गंगरेल के मानव वन और शिवा रिसॉर्ट के बीच फेंक दिया था. आरोपी ने हेलमेट से सिर पर वार कर हत्या की वारदात को अंजाम दिया.
सितंबर 2024 की घटना
यह पूरी घटना 3 सितंबर 2024 की है. सिहावा थाना क्षेत्र के 55 वर्षीय बीरेंद्र देवांगन के लापता होने की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई गई थी. इसी दौरान जांच में पुलिस को मानव वन के आगे गंगरेल रोड पर एक लावारिस मोटरसाइकिल मिली. पुलिस ने जब वाहन की पहचान कराई तो वह बीरेंद्र देवांगन की निकली. इसके बाद पुलिस ने गुमशुदा बीरेंद्र की तलाश तेज कर दी. तलाश के दौरान 6 दिसंबर 2024 को मानव वन और शिवा रिसॉर्ट के बीच एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ. शव की पहचान बीरेंद्र देवांगन के रूप में हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस को हत्या का सुराग मिला.
सीसीटीवी फुटेज से जांच में खुलासा
उसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्य को जोड़कर तहकीकात आगे बढ़ाई. इस जांच में बीरेंद्र देवांगन के दोस्त खुशवंत उर्फ खूबू साहू पर शक गहरा गया. पुलिस जांच में सामने आया कि बीरेंद्र और आरोपी के बीच पुरानी रंजिश थी. इसी विवाद के चलते आरोपी ने बीरेंद्र के सिर पर हेलमेट से वार कर उसकी हत्या कर दी थी. पुलिस ने जांच में सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी सबूत को कोर्ट के सामने पेश किया. अदालत में लगभग 2 साल तक केस की सुनवाई हुई.
पुरानी रंजिश के चलते आरोपी ने बीरेंद्र देवांगन के सिर पर हेलमेट से वार कर हत्या की थी. CCTV फुटेज, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंचकर ठोस साक्ष्य जुटाए-डीसी पटेल, एएसपी, धमतरी
अदालत ने सुनाई उम्र कैद की सजा
27 अगस्त 2026 को इस मामले में धमतरी के माननीय अपर सत्र न्यायाधीश,द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश की अदालत ने फैसला सुनाया. अदालत ने उपलब्ध परिस्थितिजन्य साक्ष्य, CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी खुशवंत उर्फ खूबू साहू को हत्या का दोषी माना. कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई. फाइन नहीं चुकाने पर आरोपी को 6 महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा.

