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एलन मस्क की कंपनी में नौकरी, भारी भरकम पैकेज.. पटना के डॉक्टर की बेटी से 80 लाख की साइबर ठगी

पटना में महिला डॉक्टर की बेटी से देश के नामचीन उद्योगपतियों के नाम पर ठगी की गयी. रिपोर्ट- राजीव रंजन

Fraud in Patna
पटना साइबर थाना (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 25, 2026 at 8:34 AM IST

3 Min Read
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पटना: राजधानी पटना में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है. गांधी मैदान थाना क्षेत्र के एग्जीबिशन रोड स्थित पुष्प विहार अपार्टमेंट में रहने वाली महिला डॉक्टर डॉ. नीना अग्रवाल की बेटी मेहना नवल को साइबर ठगों ने अपना निशाना बनाया. आरोप है कि ठगों ने युवती से करीब 80 लाख रुपये की ठगी की.

चर्चित कारोबारियों के नाम पर जालसाजी: ठगों ने देश के चर्चित कारोबारियों के नाम और प्रभावशाली लोगों से संबंध होने का दावा कर करीब डेढ़ साल तक युवती से अलग-अलग बहानों से पैसे ट्रांसफर करवाए. मामले को लेकर डॉ. नीना अग्रवाल की लिखित शिकायत पर पटना साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है.

साइबर थाने की डीएसपी संगीता कुमारी ने मामले की पुष्टि की है. पुलिस अब तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मेहना नवल से टेलीग्राम के जरिए संपर्क किया था. बातचीत के दौरान उन्होंने प्रभावित करने का प्रयास किया.

"आरोपियों ने खुद को देश के जाने-माने बिजनेसमैन सुनील भारती मित्तल के बेटे कविन भारती मित्तल और एलन मस्क का करीबी बताया. प्रभावशाली लोगों का नाम लेकर आरोपियों ने युवती का भरोसा जीतने की कोशिश की. इस झांसे में आकर युवती उनके जाल में फंस गई." -संगीता कुमारी, डीएसपी

फर्जी टेलीग्राम आईडी का इस्तेमाल: शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने टेलीग्राम पर '@officia KBM' और 'founder CEO @team' जैसी आईडी का इस्तेमाल किया. लगातार चैटिंग के जरिए युवती से संपर्क बढ़ाया गया. इसके बाद उसे अलग-अलग प्रस्ताव और जरूरतों का हवाला देकर पैसे भेजने के लिए तैयार किया गया.

शेयरधारक बनाने का दिया झांसा: ठगों ने कभी नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया तो कभी शेयरधारक बनाने की बात कही. इसके अलावा एक व्यक्ति के आपातकालीन इलाज की जरूरत बताकर भी युवती से रुपये मांगे गए. अलग-अलग परिस्थिति बताकर आरोपियों ने युवती को लंबे समय तक अपने संपर्क में बनाए रखा.

बैंक अकाउंट फ्रीज होने का बहाना: डीएसपी ने बताया कि, आरोपियों ने युवती से यह भी कहा कि उनका बैंक अकाउंट फ्रीज हो गया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि बैंक खाते से जुड़ी समस्या दूर होते ही उसके सारे पैसे वापस कर दिए जाएंगे. इसी भरोसे के चलते युवती लगातार आरोपियों के बताए खातों में रकम ट्रांसफर करती रही.

"पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किन-किन बैंक खातों में भेजी गई और इन खातों से जुड़े लोगों की भूमिका क्या थी. जांच में पैसों के लेनदेन के साथ ही डिजिटल साक्ष्यों को भी अहम माना जा रहा है. पुलिस नेटवर्क खंगालने का प्रयास कर रही है." --संगीता कुमारी, डीएसपी

टेलीग्राम चैट और तकनीकी साक्ष्य: साइबर पुलिस आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए टेलीग्राम अकाउंट, चैट हिस्ट्री, मोबाइल नंबर, बैंक खातों और पैसों के लेनदेन से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने प्रभावशाली लोगों के नाम का इस्तेमाल कहां से किया.

गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अपराधी अक्सर फर्जी पहचान और प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतते हैं. इसके बाद रकम ट्रांसफर कराते हैं. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है.

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