लखीमपुर खीरी में तीन माह के अंदर चौथे बाघ की मौत; ग्रामीण पर किया था हमला, कुछ घंटे बाद ही मिला शव
इससे पहले 23 जून को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ी गई बाघिन की भी हुई थी मौत, एसआईटी करेगी इसकी जांच

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : June 30, 2026 at 2:26 PM IST
लखीमपुर खीरी : जिले के दक्षिण खीरी वन प्रभाग की महेशपुर वन रेंज में एक और बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. पिछले तीन महीने में यह चौथे बाघ की मौत है. उदयपुर गांव में मवेशी चरा रहे एक ग्रामीण पर हमला करने वाले बाघ का शव घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर बरामद हुआ है. बता दें कि अभी 23 जून को ही एक बाघिन की मौत हुई है, जिसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है.
महेशपुर वन रेंज अंतर्गत उदयपुर गांव में सोमवार को उस समय अफरातफरी मच गई थी, जब मवेशी चरा रहे ग्रामीण कालीचरण पुत्र राम दयाल पर एक बाघ ने हमला कर दिया. ग्रामीणों के शोरशराबे के बाद बाघ जंगल की ओर चला गया. घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई. इसी बीच घटनास्थल से लगभग 200 मीटर की दूरी पर बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला. बाघ की मौत की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया. सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी.
वन विभाग ने बाघ के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और पोस्टमार्टम के लिए बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) भेज दिया है. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बाघ की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा.
बता दें कि दुधवा टाइगर रिजर्व और उससे जुड़े वन क्षेत्रों में पिछले तीन महीनों के दौरान बाघों की लगातार हो रही मौतें चिंता का विषय बनी हैं. एक अप्रैल 2026 को गोला वन रेंज के इमलिया गांव में एक बाघ की मौत हुई थी. इसके बाद पांच मई 2026 को मझगई वन रेंज क्षेत्र के नौनिया वन बीट स्थित महेंद्र नगर में दूसरा बाघ मृत मिला था. जबकि मझगई वन रेंज के रामपुर गांव में दो लोगों को मौत के घाट उतारने वाली बाघिन को वन विभाग की टीम ने बीते 23 जून को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ा था, लेकिन उसी दिन शाम को उसकी भी मौत हो गई.
अब महेशपुर वन रेंज में एक और बाघ की मौत ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. लगातार हो रही बाघों की मौत से वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं. दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक डॉ. एच. राजा मोहन ने बताया कि बाघ के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई भेजा गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी. फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है.
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