मसूरी विंटर कार्निवाल की चौथी शाम, हिमाचली सिंगर विक्की चौहान ने बांधा समां, जमकर थिरके लोग
मसूरी विंटरलाइन कार्निवल के चौथे दिन सिंगर विक्की चौहान और सुरेश कुशवाहा ने शानदार प्रस्तुति दी.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 28, 2025 at 11:01 AM IST
मसूरी: संस्कृति, संगीत और प्रकृति के अनुपम संगम के रूप में मसूरी कार्निवाल एक बार फिर यादगार बन गया. 'पहाड़ों की रानी' मसूरी में आयोजित इस भव्य कार्निवाल ने न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि देश-विदेश से आए पर्यटकों को भी उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों की समृद्ध लोक परंपराओं से रूबरू कराया. कार्निवाल के चौथे दिन आयोजित मिक्स फोक म्यूजिकल नाइट में हिमाचली लोक गायक विक्की चौहान की शानदार प्रस्तुति ने समां बांध दिया.
लोक संगीत की मधुर धुनों पर दर्शक देर रात तक झूमते नजर आए. विक्की चौहान ने अपनी प्रस्तुति में 'गोरी तेरी चोली', 'पहेड़ी वादी' और 'झूमके-झूमके' जैसे लोकप्रिय हिमाचली गीतों से ऐसा रंग जमाया कि पूरा पंडाल तालियों और उत्साह से गूंज उठा. उनकी आवाज और मंच पर ऊर्जा ने हिमाचली संस्कृति की जीवंत झलक पेश की, जिसने कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया.
इस मौके पर विक्की चौहान ने भावुक होते हुए कहा कि उनके संगीत करियर की शुरुआत मसूरी से ही हुई थी और आज उसी शहर में मंच साझा करना उनके लिए गर्व और आत्मीय अनुभव है. उन्होंने कहा कि मसूरी में हर बार प्रस्तुति देना उनके लिए खास होता है. साथ ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी का आभार जताते हुए कहा कि बार-बार कार्निवाल में आमंत्रित किया जाना, उनके लिए सम्मान की बात है, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे.

कार्यक्रम में सुरेश कुशवाह और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत अवध-भोजपुरी गीतों और कव्वाली ने भी दर्शकों का मन मोह लिया. उनकी प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि मसूरी विंटर लाइन कार्निवाल केवल पहाड़ी संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों की लोक परंपराओं को एक मंच पर लाकर 'अनेकता में एकता' की भावना को सशक्त करता है. सुरेश कुशवाह ने कहा कि अलग-अलग भाषाएं और संस्कृतियां होते हुए भी हम सभी भारतीय एक सूत्र में बंधे हैं.

नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि मसूरी कार्निवाल आज केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि स्थानीय पहचान, पर्यटन और रोजगार को नई दिशा देने वाला मंच बन चुका है. इससे स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिल रहा है और मसूरी की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिल रही है.

एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने बताया कि मसूरी कार्निवाल लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है. कार्निवाल के माध्यम से पर्यटक उत्तराखंड की संस्कृति, लोक संगीत और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं. इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों, कलाकारों और कारीगरों को आर्थिक संबल मिल रहा है.

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