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बिहार में साइबर फ्रॉड का पाकिस्तान कनेक्शन, मिलता था 10 प्रतिशत कमीशन.. 4 गिरफ्तार

बिहार पुलिस ने इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड गिरोह का खुलासा किया है. जिसके तार पाकिस्तान से जुड़ रहे हैं. पढ़ें पूरी खबर

CYBER CRIMINAL ARRESTED IN MOTIHARI
कॉसेप्ट फोटो (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : April 16, 2026 at 1:14 PM IST

3 Min Read
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मोतिहारी : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई से ऐसे तार सामने आए हैं जो देश की सीमाओं के पार तक फैले हुए हैं. इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

बिहार में इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड गिरोह : मोतिहारी पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार साइबर अपराधियों ने चौंकाने वाली बात बताई. गिरफ्तार ठग एक सुनियोजित साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा थे और पीड़ितों से धोखाधड़ी के जरिए ठगी गई कुल राशि पर 10 प्रतिशत कमीशन प्राप्त करते थे.

कैसे पकड़ा गया शातिर ठगों का गिरोह? : यह ऑपरेशन तब शुरू हुआ जब पुलिस को एक संदिग्ध साइबर अपराधी, खतोलवा गांव के रहने वाले अंकित कुमार के बारे में एक जानकारी मिली, जिसे एक एटीएम के पास देखा गया था. तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस की एक टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया. पुलिस ने आरोपी अंकित से जब पूछताछ की तो एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ. अंकित से पूछताछ के आधार पर उसके तीन साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया.

पाकिस्तान भेजते थे ठगी का पैसा : इस मामले में सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) संतोष कुमार ने बताया कि आरोपी, साइबर अपराधियों के साथ मिलकर काम कर रहे थे, जिनमें पाकिस्तान में बैठे लोग भी शामिल थे. हर एंगल को पुलिस खंगाल रही है. तह तक जाने की कोशिश हो रही है.

''इन पर आरोप है कि गिरोह लोगों को फंसाने के लिए सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाले विज्ञापन और झूठी कानूनी कार्रवाई की धमकियों का इस्तेमाल कर लोगों को डिजिटल अरेस्ट करता था और पैसे ठग लेता था. जिसके बाद उस पैसे को सीडीएम के जरिए पाकिस्तान साइबर ट्रांसफर कर देते थे, जिसके बदले इन्हें 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था.''- संतोष कुमार, एसडीपीओ

पैसे ऐंठने के लिए डर का इस्तेमाल : कई मामलों में पीड़ितों को उस तरीके का शिकार बनाया गया जिसे आम तौर पर 'डिजिटल अरेस्ट' कहा जाता है. इसमें पैसे ऐंठने के लिए डर का इस्तेमाल एक हथियार के तौर पर किया जाता है. धोखाधड़ी से हासिल की गई रकम बाद में कैश डिपॉजिट मशीनों के जरिए उनके विदेशी आकाओं को भेज दी गई, जिसके बदले आरोपियों ने कमीशन अपने पास रख लिया.

अंकित कुमार के अलावा 3 और लोगों से पूछताछ : जांच में यह भी पता चला है कि इस गिरोह के तार दूसरे राज्यों और देशों में सक्रिय साइबर अपराधी नेटवर्क से जुड़े थे. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकित कुमार (खतोलवा गांव), युवराज कुमार (केसरिया गांव), मोहम्मद (गरहिया गांव) और चुन्नू कुमार (गजहौलिया गांव) के रूप में हुई है.

कई आपत्तिजनक चीजें बरामद : पुलिस ने उनके कब्जे से कई आपत्तिजनक चीजें बरामद की हैं, जिनमें सात बैंक पासबुक, 10 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप और पाँच मोबाइल फोन शामिल हैं. इसके अलावा दो महंगी मोटरसाइकिल और अपराध को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई एक बाइक भी जब्त की गई है.

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