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छपरा हत्याकांड में चार सगे भाइयों को आजीवन कारावास और 1 लाख जुर्माना, दो दशक बाद इंसाफ की जीत!

छपरा में करीब 20 साल पुराने बहुचर्चित हत्याकांड में अदालत ने 4 सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

Murder took place in Chhapra in 2007, four accused got punishment in 2026
बहुचर्चित हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : March 1, 2026 at 10:57 AM IST

3 Min Read
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छपरा : बिहार के छपरा में करीब 20 साल पुराने बहुचर्चित हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने मामले में सजा सुनाते हुए चार सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा दी है. साथ ही प्रत्येक अभियुक्त पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है.

चार सगे भाइयों को मिला सजा: वहीं अगर सभी आरोपियों ने जुर्माने की राशि जमा नहीं की तो छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. इस निर्णय से पीड़ित परिवार को दो दशक बाद न्याय मिल सका है. हत्या के इस मामले में माननीय न्यायालय ने तत्परता से सुनवाई शुरू की और साक्षियों का समय से साक्ष्यपूर्ण गवाही कराई. हत्या के मामले में सजा पाये व्यक्तियों के नाम रविंद्र सिंह, विजय सिंह, सुभाष सिंह और गुड्डू सिंह है, ग्राम मोथहां थाना मरहौरा जिला सारण के रहने वाले हैं. गौरतलब है कि हत्या के इस मामले में सजा पाए चारों अभियुक्त सगे भाई हैं.

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनायी सजा : यह फैसला न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-12 अंजनी कुमार गोंड की अदालत ने मढ़ौरा थाना कांड संख्या-28/07, दिनांक 05 फरवरी 2007 (सत्रवाद संख्या-600/2007) में सुनाया. मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 323, 324, 307 एवं 302 के तहत आरोप तय किए गए. सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को धारा 302/149 भा.दं.वि. के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर तेज हुआ विचारण: पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार साल 2026 में सारण जिला के अंतर्गत गंभीर अपराधों को चिन्हित कर त्वरित विचारण सुनिश्चित कराया जा रहा है. इसी क्रम में इस पुराने हत्याकांड की सुनवाई में तेजी लाई गई. शोधकर्ता द्वारा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान कर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया.

मामले में 6 गवाहों ने बयान दर्ज करवाएं : पीड़ित पक्ष की ओर से डॉक्टर एवं अनुसंधानकर्ता सहित कुल छह गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए. अपर लोक अभियोजक विमल चन्द्र सिंह ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखते हुए अभियुक्तों के विरुद्ध सशक्त तर्क प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोषसिद्धि का निर्णय सुनाया.

गंभीर मामलों में सजा दिलाने की मुहिम जारी : पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में लंबित गंभीर आपराधिक मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर त्वरित सुनवाई कराई जा रही है, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का डर कायम रहे.

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