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कानपुर में प्रतिबिम्ब पोर्टल से ठगी करने वाले चार गिरफ्तार, 90 लाख से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा

आरोपी फर्जी रिश्तेदार, कंपनी एजेंट और कस्टम अधिकारी बनकर ठगी कर रहे थे. पहचान छिपाने के लिए VPN का सहारा लेते थे.

पुलिस ने चार को गिरफ्तार किया, इनमें एक महिला भी है.
पुलिस ने चार को गिरफ्तार किया, इनमें एक महिला भी है. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 26, 2026 at 9:22 PM IST

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कानपुर : क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने एक अंतरराज्यीय गिरोह को का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से फर्जी रिश्तेदार, कंपनी एजेंट और कस्टम अधिकारी बनकर ठगी कर रहा था. आरोपी पहचान छिपाने के लिए VPN का सहारा ले रहे थे.

साइबर टीम ने उच्च स्तरीय तकनीकी के जरिए उनके असली आईपी एड्रेस को ट्रैक किया और लखीमपुर खीरी जनपद से घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए अभियुक्तों में मास्टरमाइंड कमलेश गौतम, कैश निकालने वाला विकास गौतम, राखी मिश्रा और तकनीकी काम संभालने वाला दीपक शर्मा है. इनके पास से 6 मोबाइल, 10 एटीएम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड और एक बिना नंबर की बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की गई है.

पुलिस उपायुक्त अपराध श्रवण कुमार सिंह ने बताया, ज्यादातर शिकायतें कानपुर के जाजमऊ और चकेरी बेल्ट से रिपोर्ट हो रही थीं. तकनीकी जांच में अपराधी यहां के नहीं मिल रहे थे. गिरोह के सदस्य बेहद शातिर तरीके से बाहर बैठकर कानपुर के लोगों को अपना निशाना बना रहे थे. पुलिस की 10 से 15 टीमें पिछले एक महीने से लगातार लखीमपुर खीरी, गोंडा, बहराइच, सीतापुर और उन्नाव जैसे जिलों में तलाश कर रही थी.

पुलिस उपायुक्त अपराध श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि यह यह ऑपरेशन हमारे लिए तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण था. रिपोर्टिंग एरिया और एक्चुअल क्रिमिनल लोकेशन अलग होने की वजह से यह एक बड़ा टेक्निकल टास्क बन गया था. इस गिरोह के खिलाफ अब तक 70-80 शिकायतें मिल चुकी हैं और इनका फ्रॉड 90 लाख रुपये से ऊपर का है. हम लगातार साइबर अपराध पर लगाम कस रहे हैं और पिछले एक साल में हमने हजारों सिम और मोबाइल ब्लॉक कराए हैं.

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