RJD को बड़ा झटका, नीतीश कुमार को लोकसभा चुनाव हराने वाले विजय कृष्ण ने लालू को भेजा इस्तीफा
राजद को बड़ा झटका लगा. लोकसभा चुनाव में नीतीश को हराने वाले पूर्व मंत्री विजय कृष्ण ने प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से इस्तीफा दिया.

Published : December 10, 2025 at 5:07 PM IST
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद से राष्ट्रीय जनता दल में मंथन का दौर जारी है, इसी बीच अब पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है. कभी बाढ़ लोकसभा सीट से नीतीश कुमार को हराने वाले पूर्व सांसद और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री विजय कृष्ण ने आरजेडी से नाता तोड़ दिया है. उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को पत्र लिखकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. साथ ही सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया है.
RJD से विजय कृष्ण ने दिया इस्तीफा: पूर्व सांसद विजय कृष्ण ने लालू यादव के पत्र लिखकर कहा कि "मैंने दलगत राजनीति, सक्रिय राजनीति से अलग हो जाने का निर्णय लिया है. अतः राष्ट्रीय जनता दल के प्राथमिक सदस्यता एवं सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं. कृप्या स्वीकार करें."

कभी नीतीश के करीबी थे विजय कृष्ण: विजय कृष्ण, लालू और नीतीश की तरह जेपी आंदोलन से उभरे हुए नेता हैं. वहीं नीतीश कुमार के काफी करीबी भी हुआ करते थे. नीतीश कुमार बख्तियारपुर में रहते थे तो उनसे करीब 8 किलोमीटर दूर अथमलगोला के कल्याणपुर गांव में विजय कृष्ण रहते थे.
नीतीश से मतभेद के बाद लालू का दिया साथ: राजनीतिक जीवन की शुरुआत दोनों साथ-साथ किए थे. एक साथ दोनों का ट्रेन से आना-जाना हुआ करता था,लेकिन जब नीतीश कुमार लालू प्रसाद यादव से अलग हुए थे तो विजय कृष्ण लालू के साथ रहे. इसके बाद दोनों में राजनीति दूरियां बढ़ गई.
बाढ़ से लड़ते थे दोनों दिग्गज: लालू प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री बनने के पहले से वह जनता दल के सक्रिय नेता के रूप में रहे थे और कई बड़े नेताओं में से एक हैं. विजय कृष्ण और नीतीश कुमार दोनों का गृह क्षेत्र पुराने परिसीमन का बाढ़ लोकसभा था. इस वजह से दोनों इसी क्षेत्र से चुनाव लड़ते थे.
नीतीश को लड़ना पड़ा था दो सीट से चुनाव: 1999 में नीतीश कुमार ने विजय कृष्ण को हराया था. 2004 में नीतीश कुमार समझ गए थे कि इस बार विजय कृष्ण भारी पड़ेंगे तो उन्होंने दो जगह नालंदा और बाढ़ दोनों लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था. जिसमें 2004 में विजय कृष्ण जीत कर सांसद बने थे तो नीतीश कुमार नालंदा से जीते थे. विजय कृष्ण लालू प्रसाद यादव के काफी करीबी के साथ-साथ एक बड़े सलाहकार के रूप में थे.
कई जिम्मेदारी निभा चुके हैं विजय कृष्ण: विजय कृष्ण ने समाजवादी युवा सभा से राजनीतिक सीढ़ियां चढ़नी शुरू की थी. 1977 में पहली बार जनता पार्टी के बिहार महासचिव बने. जनता दल के टिकट पर बाढ़ विधानसभा सीट से 1990 और 1995 में लगातार दो बार जीतकर विधायक बने. लालू के साथ-साथ राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री बने.
2013 में उम्र कैद की सजा: नीतीश के पुराने सहयोगी रहे विजय कृष्ण 2009 के लोकसभा चुनाव के समय जेडीयू में चले गए थे, लेकिन 2010 के विधानसभा चुनाव के समय आरजेडी में वापस लौट आए. 2009 में एक मर्डर केस में अपने बेटे के साथ फंस गए, जिसमें कोर्ट ने 2013 में विजय समेत चार लोगों को उम्र कैद की सजा दी थी.
2022 में रिहा: हाईकोर्ट ने 2022 में उन्हें रिहा कर दिया, तब लगभग 10 साल जेल में रहने के बाद वो बाहर आए थे. जेल से आने के बाद भी विजय कृष्ण आरजेडी से जुड़े रहे. कई अहम फैसलों में लालू यादव के साथ रहे, लेकिन वर्तमान स्थिति में वह पार्टी से दूर-दूर रहते थे और बुधवार को उन्होंने लालू प्रसाद यादव को अपना इस्तीफा पत्र सौंप दिया है.
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