गिरिडीह शहर में दाखिल होने से पहले रोक दिए गए पूर्व सांसद फुरकान अंसारी, बोले - बौखला गए हैं विरोधी
पूर्व सांसद फुरकान अंसारी को गिरिडीह शहर नहीं आने दिया गया.

Published : February 22, 2026 at 10:16 AM IST
|Updated : February 22, 2026 at 11:33 AM IST
गिरिडीहः मतदान से पूर्व गिरिडीह की राजनीति में अलग ही गर्महाट आ गई है. क्षेत्र की सीमा पर प्रशासन ने सख्ती भी बढ़ा दी है. शनिवार की शाम इसी सख्ती के बाद कांग्रेस नाराज हो गई है. यह नाराजगी कांग्रेस नेता सह पूर्व सांसद फुरकान अंसारी को रोके जाने से बढ़ी है.
दरअसल, शनिवार की शाम पांच बजे के बाद जब प्रचार खत्म हो गया तो कांग्रेस नेता सह गोड्डा के पूर्व सांसद फुरकान अंसारी गिरिडीह आ रहे थे. वह शहर में पार्टी समर्थित प्रत्याशी समीर राज चौधरी के पक्ष में कुछ लोगों से मिलने पहुंच रहे थे.
जैसे ही फुरकान अंसारी का काफिला बेंगाबाद से आगे बढ़ा तो खंडोली के पास प्रशासन ने उन्हें रोक दिया. प्रशासन के द्वारा रोके जाने के बाद उन्हें एक होटल लाया गया. वहीं पर पार्टी के जिलाध्यक्ष सतीश केडिया, अजय सिन्हा मंटू और मेयर प्रत्याशी समीर राज चौधरी समेत अन्य पार्टी नेता भी पहुंचे. यहीं पर प्रेस वार्ता भी की गई.
किया गया डिटेन - फुरकान अंसारी
यहां पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा कि गिरिडीह जिला प्रशासन ने उन्हें न सिर्फ गिरिडीह शहर जाने से रोका बल्कि उन्हें डिटेन किया. यह सब कांग्रेस की लोकप्रियता से घबराकर भाजपा और अन्य पार्टियों के इशारे पर हुआ है. उन्होंने कहा कि उन्हें गिरिडीह शहर में कुछ लोगों से मिलना था. यह कार्यक्रम सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस बीच वे जैसे ही बेंगाबाद से आगे बढ़े तो प्रशासन की कई गाड़ियों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया. यहां पर अधिकारियों ने कहा कि 'आदर्श आचार संहिता लागू है ऐसे में वे आगे नहीं जा सकते'. उन्होंने जेएमएम का नाम लिए बगैर कहा कि यह सब भाजपा और अन्य पार्टियों के इशारे पर हुआ है.
जिलाध्यक्ष ने भी उठाए सवाल
इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया ने भी कई सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि हमारे नेताओं को रोका जा रहा है. पहले भी मेरे नेता आ रहे थे उन्हें भी फोन कर रोका गया. लोगों को धमकाया जा रहा है. सब पर कांग्रेस की नजर है.
चुप रहे अधिकारी
इधर, पूर्व सांसद के रोके जाने पर पुलिस से सवाल पूछा गया तो जवाब कुछ विशेष नहीं मिला. सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव से जब जानकारी ली गई तो उन्होंने फुरकान अंसारी को रोकने की बात से इंकार किया. उन्होंने कहा कि सब बातें वरीय अधिकारी बतायेंगे.
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