पूर्व विधायक योगेंद्र साव और निर्मला देवी को पुलिस ने हिरासत में लिया, कांग्रेस ने हजारीबाग प्रशासन पर उठाए सवाल
हजारीबाग में एनटीपीसी के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे पूर्व विधायक योगेंद्र साव और निर्मला देवी को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

Published : February 19, 2026 at 10:54 PM IST
हजारीबाग/रांची: झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी, पूर्व विधायक निर्मला देवी को हजारीबाग में केरेडारी पुलिस ने हिरासत में लिया है. उनके साथ धरना कर रहे उनके पांच समर्थक भी पुलिस हिरासत में हैं. उन्हें पगार ओपी ले जाया गया. यह घटना शाम करीब 4:00 बजे हुई. हिरासत में लिए जाने के बाद, एक स्थानीय रैयत और योगेंद्र साव की बेटी पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, देर शाम पुलिस स्टेशन पहुंचे और उन्हें हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की.
एनटीपीसी के चट्टीबारियातु कोयला खनन परियोजना के करीब पिछले 31 दिसंबर से कंपनी के खिलाफ आंदोलित पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी पूर्व विधायक निर्मला देवी, उनके समर्थक रामकुमार दुबे, कीर्तन राम और तीन अन्य महिलाओं को पगार ओपी और केरेडारी थाना की पुलिस ने हिरासत में लिया है. उन्हें पहले पगार ओपी ले जाया गया और फिर शाम करीब 4:00 बजे केरेडारी थाना लाया गया.
पूर्व मंत्री के विरोध के कारण 19 जनवरी से CB माइंस में खनन और 27 जनवरी से ट्रांसपोर्टेशन बंद था. तीस दिन बाद, 18 फरवरी को, भारी पुलिस बल और प्रशासन के सहयोग से CB माइंस में काम और ट्रांसपोर्टेशन फिर से शुरू हुआ. जिसे पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने गुरुवार को फिर से आधे घंटे के लिए CHP बंद करा दिया, जिसके बाद पुलिस ने जबरन काम फिर से शुरू करा दिया. पूर्व मंत्री ने 31 जनवरी की रात 2.0 ट्रांसपोर्टिंग रोड पर दीवार खड़ी कर दी थी, जिसे अगले दिन पुलिस ने ध्वस्त कर दिया.
पूर्व मंत्री के आंदोलन को देखते हुए, जिला प्रशासन ने गुरुवार को कार्यपालक दंडाधिकारी प्रेम कुमार को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया और बड़कागांव एसडीपीओ पवन कुमार, केरेडारी थाना प्रभारी विवेक कुमार और पगार ओपी प्रभारी दिनेश कुमार मंडल को विरोध स्थल पर भेजा और वहां मौजूद सभी लोगों को हिरासत में लेने का निर्देश जारी किया गया.
पुलिस के पहुंचते ही उन्होंने पूर्व मंत्री और अन्य लोगों को पगार के कर्बला मैदान में विरोध स्थल के पास हिरासत में ले लिया. पूर्व विधायक निर्मला देवी भी मौके पर पहुंचीं. उन्होंने पूरे दिन मौन व्रत रखा. जैसे ही उन्होंने देखा कि उनके पति को हिरासत में लिया जा रहा है, निर्मला देवी ने पुलिस की गाड़ी का गेट खोला, उसमें सवार हुईं और पुलिस स्टेशन चली गईं. पुलिस ने उन्हें भी वहीं हिरासत में ले लिया.
कांग्रेस ने खड़े किए सवाल
वहीं योगेंद्र साव और निर्मला देवी को हिरासत में लिए जाने को लेकर काग्रेंस ने सवाल खड़ा किया है. हजारीबाग डीसी की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि बड़कागांव की जनता के साथ पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रही थी. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की प्रक्रिया के तहत ये लोग भूमि अधिग्रहण के कानून को लेकर धरना दे रहे थे, जहां से पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया है, जो ठीक नहीं है.
उन्होने कहा कि एनटीपीसी जब यहां नहीं आया था तो हम लोग खुश थे. लेकिन एनटीपीसी जब से यहां आया है हमारी जमीन चली गई, मुआवजा भी नही दिया गया. प्रदेश अध्यक्ष ने दोनों नेताओं को रिहा करने की प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि तत्काल उन्हे रिहा किया जाए.
वहीं प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा के योगेंद्र साव और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया है. मीडिया के माध्यम से डीसी से पूछना चाहता हूं कि क्या 2013 के कानून का पालन किया है या नहीं किया? कांग्रेस पार्टी ने एक कमेटी बनाई थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट स्पष्ट रूप से अभी तक नहीं आई.
यह भी पढ़ें:
अपनी ही सरकार पर नहीं है कांग्रेस नेताओं का भरोसा, कोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजा

