MCD उपचुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को झटका, पूर्व विधायक शोएब इकबाल ने दिया इस्तीफा
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की जनता के लिए अहम काम नहीं कर पाई. क्या रहा कारण, जानिए..

Published : November 9, 2025 at 10:26 PM IST
नई दिल्ली: मटिया महल विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ नेता और सात बार विधायक रहे शोएब इकबाल ने आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. यह कदम दिल्ली में होने वाले आगामी एमसीडी उपचुनावों से ठीक पहले आया है, जिसने पार्टी की दिल्ली इकाई में हलचल मचा दी है.
इस्तीफे की मुख्य वजह: शोएब इकबाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से इस्तीफे की घोषणा करते हुए आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके अनुसार, इस्तीफे का मुख्य कारण एमसीडी चुनावों में टिकट बंटवारे को लेकर उनकी और स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी है. अपने बयान में उन्होंने कहा कि पार्टी स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं और समर्पण का सम्मान नहीं कर रही है. पार्टी ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले निष्ठावान सदस्यों की उपेक्षा की है, जिससे क्षेत्र में पार्टी का आधार कमजोर हो रहा है. उन्होंने महसूस किया कि उनका और उनके समर्थकों का आक्रोश पार्टी के भीतर सुना नहीं जा रहा था, जिसके चलते उन्होंने यह कड़ा फैसला लिया.
आगामी चुनाव पर असर: शोएब इकबाल का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब दिल्ली में एमसीडी के उपचुनाव होने वाले हैं. उनके हटने से मटिया महल और आसपास के मुस्लिम बहुल इलाकों में आम आदमी पार्टी की चुनावी संभावनाओं को झटका लगने की आशंका है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शोएब इकबाल का यह कदम इन क्षेत्रों में 'आप' के वोट बैंक में सेंध लगा सकता है और विपक्षी दलों को मजबूती दे सकता है. फिलहाल उन्होंने अपने अगले राजनीतिक कदम का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उनकी नई राह दिल्ली की राजनीति में बड़े बदलाव ला सकती है. शोएब इकबाल के बेटे आले इकबाल आम आदमी पार्टी से विधायक हैं. निगम उपचुनाव में इलाके की सीट पर आम आदमी पार्टी ने आले इतबाल और शोएब इकबाल की मर्जी के बगैर उम्मीदवार का ऐलान कर दिया, जिससे शोएब इकबाल नाराज हो गए और इस्तीफा दे दिया.
राजनीतिक सफर और प्रभाव: शोएब इकबाल दिल्ली की राजनीति में एक कद्दावर मुस्लिम चेहरा माने जाते हैं, खासकर पुरानी दिल्ली के मटिया महल इलाके में उनका असाधारण राजनीतिक प्रभाव रहा है. वह सात बार इस सीट से विधायक रह चुके हैं, जो दिल्ली में एक रिकॉर्ड है. उन्होंने कांग्रेस छोड़कर जनवरी 2020 में आम आदमी पार्टी का दामन थामा था. उनकी राजनीतिक पकड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह विभिन्न दलों जनता दल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से विधायक रहे हैं. शोएब इकबाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की जनता के लिए अहम काम नहीं कर पाई. इनकी विचारधारा से तंग आकर उन्होंने इस्तीफा दिया है. वे कभी भी आम आदमी पार्टी से कोई ताल्लुक नहीं रखेंगे.
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