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हजारीबाग में अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर हुए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, खनन और ट्रांसपोर्ट ठप, कंपनी को करोड़ों का नुकसान

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव हजारीबाग के केरेडारी क्षेत्र में पिछले 13 दिनों से धरना दे रहे हैं.

YOGENDRA SAW PROTESTED IN COAL
विरोध जताते हुए हाथ में तीन कमान लिए हुए योगेंद्र साव (Etv bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 14, 2026 at 5:18 PM IST

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हजारीबाग: पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल खनन परियोजना सीबी माइंस पर धरना दे रहे हैं. 13 दिनों से उनका यह धरना जारी है. धरने से अब तक लगभग कंपनी को 75 करोड़ और सरकार को 1 करोड़ 15 लाख रुपए का नुकसान होने का अनुमान है. योगेंद्र सव ने खुद बताया कि सैकड़ों ग्रामीणों ने तीर कमान देकर आंदोलन को मजबूत किया है.

मुआवजा और विस्थापन को लेकर विरोध प्रदर्शन

कांग्रेस नेता योगेंद्र साव ने बताया कि जब गर्दन ही कट जाएगी तो राज्य सरकार का महिमामंडन करके क्या करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र में नाकाबंदी की जाएगी. यह धरना प्रदर्शन मुआवजा और विस्थापन को लेकर किया जा रहा है. पूर्व मंत्री ने हजारीबाग के केरेडारी क्षेत्र में कोयला खनन और ट्रांसपोर्टिंग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इस आंदोलन में उन्होंने राज्य सरकार को भी निशाने पर लिया है.

मुआवजा और विस्थापन को लेकर प्रदर्शन (Etv bharat)

रैयतों के हक और अधिकार की है लड़ाई: योगेंद्र साव

दरअसल, 31 दिसंबर से योगेंद्र साव स्थानीय रैयतों के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं. हड़ताल के दौरान उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि क्षेत्र के रैयतों के हक और अधिकार की है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और कोल खनन कंपनी द्वारा रैयतों को उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है. वहीं खनन गतिविधियों से क्षेत्र में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है.

बिना मुआवजा विस्थापन नीति का लाभ दिए कंपनी कैसे अपनी मनमानी करके संपत्ति अधिग्रहण कर लेगी? जिस रास्ते से एनटीपीसी कोयला का ट्रांसपोर्टेशन करती है वह जमीन भी हमारी है. जबरन कंपनी द्वारा ग्रामीणों की जमीन का अधिग्रहण बिना उचित मुआवजा दिए ही किया जा रहा है: योगेंद्र साव, पूर्व मंत्री

सरकार और कोल खनन कंपनी के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी

योगेंद्र साव ने बताया कि प्रदूषण और अव्यवस्थित ट्रांसपोर्टिंग के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों की जान जा रही है लेकिन न सरकार और न प्रशासन इस पर गंभीर है. हड़ताल के दौरान योगेंद्र साव अपने समर्थकों के साथ तीर-धनुष लिए नजर आए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो सरकार और कोल खनन कंपनी के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा. गौरतलब है कि पिछले दो सप्ताह से कोयला ट्रांसपोर्टिंग बंद है. जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के नुकसान होने का अनुमान है.

धरने को प्रशासन कर रहा है प्रभावितः योगेंद्र साव

इधर, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने कहा कि धरने को स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रभावित किया जा रहा है, जिसे देखते हुए त्रिपक्षीय वार्ता होने तक मंगलवार शाम से ही माइंस में उत्खनन, प्रेषण, सीएचपी एवं कोल ट्रांसपोर्टिंग ठप करते हुए नाकाबंदी की जा रही है. कुछ दिन पहले, योगेंद्र साव की एक संपत्ति का कंपनी ने अधिग्रहण कर लिया था. उसी दिन से ये विरोध चल रहा है.

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