पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी खारिज; कोर्ट ने कहा- जमानत देने के लिए नहीं है पर्याप्त आधार
भाजपा नेता अंबरीश सिंह भोला ने बनारस के चौक थाने में पूर्व आईपीएस के खिलाफ दर्ज कराया था मुकदमा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : December 22, 2025 at 8:20 PM IST
वाराणसी : पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है. चौक थाने में दर्ज एक मुकदमे में सोमवार को विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार की अदालत में सुनवाई हुई. जमानत के लिए शनिवार को ही पूर्व अफसर ने अर्जी दाखिल की थी.
अभियोजन अधिकारी मधुसूदन तिवारी ने अमिताभ ठाकुर के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों की सूची पुलिस से मांगे जाने की अपील की थी. अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया था. चौक पुलिस को सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा था. पुलिस ने ये सूची उपलब्ध करा दी.
अभियोजन अधिकारी ने दी ये दलील : जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अभियोजन अधिकारी मधुसूदन तिवारी ने दलील दी कि आरोपी अमिताभ ठाकुर का गंभीर आपराधिक इतिहास है. उनके विरुद्ध थानों में 10 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं. ऐसी दशा में उनको जमानत दिया जाना उचित नहीं है. वह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं. साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं.
अभियोजन अधिकारी ने अमिताभ ठाकुर के खिलाफ दर्ज मुकदमों की सूची को कोर्ट में प्रस्तुत किया. वहीं बचाव पक्ष के वकील अनुज यादव ने जमानत अर्जी को मंजूर करने की मांग की. दलील दी है कि राजनीतिक बदले की भावना से अमिताभ ठाकुर के खिलाफ फर्जी तथ्यों के आधार पर मुकदमे दर्ज करवाए गए हैं.
कोर्ट ने की ये टिप्पणी : अभियोजन अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने कहा कि यह समाज में शांति भंग, बैर पैदा करने वाला और लोक न्याय के विरुद्ध अपराध से संबंधित मामला है. सभी परिस्थितियों को देखते हुए अमिताभ ठाकुर की जमानत का आधार पर्याप्त नहीं है. लिहाजा जमानत का प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाता है.
भाजपा नेता ने चौक थाने में दर्ज कराया था मुकदमा : करीब 10 से 12 दिन पहले अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट किया था. इसमें उन्होंने बनारस के भाजपा नेता अंबरीश सिंह भोला पर कीडीन कफ सिरप तस्करी के आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया था. इसी मामले में भाजपा नेता ने पूर्व अफसर के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज कराय था.
शाहजहांपुर में पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को किया था गिरफ्तार : पुलिस ने 9 दिसंबर को पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को शाहजहांपुर से गिरफ्तार किया था. वह सोते हुए ट्रेन से दिल्ली जा रहे थे. पुलिस ने उन्हें जगाकर गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस उन्हें लेकर देवरिया पहुंची थी. पूर्व अफसर पर आरोप है कि उन्होंने पत्नी के नाम जमीन खरीद में धोखाधड़ी की थी.
लखनऊ के तालकटोरा थाना प्रभारी कुलदीप कुमार दुबे ने जानकारी दी थी कि अमिताभ ठाकुर ने देवरिया में एसपी रहने के दौरान अमिताभ ठाकुर ने पत्नी के नाम साल 1999 में जमीन खरीदी थी. इसमें फर्जीवाड़ा किया गया था. नाम-पता गलत लिखाया गया था.
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