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बनारस के चौक थाने में दर्ज मुकदमे में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को मिली जमानत, जानें पूरा मामला

जिला जज संजीव शुक्ला ने जमानत अर्जी पर सुनवाई की और पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.

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पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को राहत. (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 9, 2026 at 7:20 PM IST

3 Min Read
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वाराणसी: चौक थाने में दर्ज एक मामले में आजाद सेना के अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को शुक्रवार को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गयी. जिला जज संजीव शुक्ला को अदालत ने जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया. अदालत में जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनुज यादव ने दलील दी कि आरोपित को मात्र राजनितिक विद्वेषवश शासन-प्रश्वासन के दबाव में वादी मुकदमा द्वारा दर्ज कराया गया है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की सजा: आरोपी पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे हैं. प्रदेश सरकार की गलत नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के फलस्वरूप जबरिया सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. पुलिस सेवा से बर्खास्तगी के बाद एक आजाद अधिकार सेना नामक सामाजिक संगठन का गठन कर देश-प्रदेश में हो रहे विधि विरुद्ध कार्यों और सरकारी अधिकारियों व राजनेताओं के भ्रष्ट कारनामों को उजागर करने लगा.

पोस्ट में सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल: इससे प्रदेश की भाजपा सरकार आरोपित के सामाजिक संगठन के विरुद्ध फर्जी और झूठे आरोप लगवाकर फजी व झूठे मुकदमे दर्ज कराने लगी. उक्त मुकदमा भी उसी का परिणाम हैं. उसने अपने ट्वीटर हैंडल पर जो पोस्ट किया वह किसी की मान-प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता और देश के नागरिक की हैसियत से उक्त आरोपों की विधि सम्मत जांच कराये जाने के उद्देश्य से सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए पोस्ट किया.

अम्बरीष सिंह भोला ने दर्ज कराया था मुकदमा: अभियोजन व वादी के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए दलील दिया कि आरोपित पर दस मुकदमों की हिस्ट्रीशीट हैं. अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपित को जमानत दे दी. बड़ी पियरी निवासी हिन्दू युवा वाहिनी के नेता एवं बीडीए के मानद सदस्य अम्बरीष सिंह भोला ने चौक थाने में बीते 9 दिसम्बर को मुकदमा दर्ज कराया था.

आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोप झूठे: आरोप था कि बीते 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन पर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने के झूठे आरोप लगाए गए, साथ ही वाहुचर्चित कफ सिरप मामले में बिना किसी साक्ष्य के उनकी संलिप्तता बताते हुए अर्नगल आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर भ्रामक और गलत बताकर प्राचारित किया है. इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर आघात पहुंचा.

चौक थाने में 9 दिसम्बर को दर्ज हुई थी FIR: इस मामले में पुलिस ने आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर व एक अन्य के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया था. इसी मामले में पेश करने के लिए अमिताभ ठाकुर को बीते दिनों देवरिया से लाकर सेंट्रल जेल में रखा गया था और उन्हें कोर्ट में पेश कर उनका म्यायिक रिमांड बनाया गया. न्यायिक रिमांड बनने के बाद पुलिस उन्हें कड़ी सुरक्षा में लेकर देवरिया जेल के लिए निकल गयी थी.

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