पूर्व HAS घनश्याम चंद संभालेंगे प्रधान पद की कमान, रिटायरमेंट के बाद ग्रामीण राजनीति में खेलेंगे नई पारी
हिमाचल के पूर्व एचएएस अधिकारी घनश्याम चंद प्रशासनिक कुर्सी छोड़ गांव की चौपाल पहुंचे. पंचायत प्रधान चुनाव में मिली बड़ी जीत.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : May 29, 2026 at 2:49 PM IST
रामपुर: हिमाचल प्रदेश की पंचायत राजनीति में ऐसे उदाहरण बहुत कम देखने को मिलते हैं, जब कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सेवानिवृत्ति के बाद सीधे ग्रामीण लोकतंत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए चुनावी मैदान में उतरता हो. लेकिन इस बार शिमला जिले में पंचायत चुनाव में एक पूर्व एचएएस अधिकारी ने प्रधान का चुनाव जीता है. जिसकी पूरे प्रदेश में चर्चा है.
शिमला जिले के ननखड़ी विकासखंड की गाहन पंचायत में दूसरे चरण के चुनाव में एक ऐसा परिणाम सामने आया, जिसकी पूरे क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है. यहां सेवानिवृत्त एचएएस अधिकारी घनश्याम चंद ने प्रधान पद का चुनाव जीतकर नई मिसाल कायम की है. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 130 मतों से हराकर जीत दर्ज की. घनश्याम चंद की यह जीत अनुभव और जनविश्वास के मजबूत मेल के रूप में देखी जा रही है.
59 वर्षीय घनश्याम चंद पिछले वर्ष ही हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे. अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण विभागों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं. ऐसे में उनका सीधे पंचायत राजनीति में उतरना लोगों के लिए काफी दिलचस्प रहा. गांव स्तर की राजनीति में आमतौर पर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक रूप से सक्रिय लोगों का दबदबा देखने को मिलता है. ऐसे में एक पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का पंचायत चुनाव लड़ना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया.
चुनाव प्रचार के दौरान गांवों से लेकर सोशल मीडिया तक उनके नाम की खूब चर्चा होती रही. चुनाव परिणाम आने से पहले कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे. कुछ लोगों का मानना था कि प्रशासनिक अनुभव और पहचान के चलते उनकी जीत आसान होगी, जबकि कुछ का कहना था कि सरकारी सेवा का अनुभव जरूरी नहीं कि पंचायत राजनीति में सफलता दिला सके. हालांकि मतदाताओं ने अपने फैसले से सभी अटकलों पर विराम लगा दिया.
घनश्याम चंद प्रशासनिक सेवा के दौरान प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, मिल्कफैड के प्रबंध निदेशक, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और परिवहन विभाग के सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उनकी जीत के बाद गाहन पंचायत के लोगों में नई उम्मीदें जगी हैं.
ग्रामीणों का मानना है कि प्रशासनिक अनुभव रखने वाले प्रधान के नेतृत्व में पंचायत को विकास योजनाओं का बेहतर लाभ मिलेगा और सरकारी प्रक्रियाओं की समझ के कारण विकास कार्यों में तेजी आएगी. साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा रही है.
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