चोरी 22 लाख की और बरामद 97 लाख रुपये; जानिए शूज कारोबारी के कार्यालय से किसने और कैसे की थी चोरी?
आगरा के फुटवेयर फर्म में हुई चोरी का 24 घंटे में खुलासा, 3 शातिर चोर गिरफ्तार, फिल्मों की तरह की थी चोरी की प्लानिंग

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 7, 2026 at 8:40 PM IST
आगरा: एमएम गेट थाना क्षेत्र में शूज कारोबारी के कार्यालय से चोरी का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. शूज कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने 22 लाख रुपये चोरी का मुकदमा दर्ज किया था. जबकि पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए चोर के घर पहुंची तो अचंभित रह गई, क्योंकि मौके 97 लाख रुपये बरामद हुए है. चोरी 15 दिन पहले नौकरी छोड़ने वाले नौकर ने अपने बेटे और भाई के साथ मिलकर की थी. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
चाभी से लॉकर खोलकर चोरी की थीः डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बुधवार को बताया कि मदन मोहन गेट थाना क्षेत्र में मोती कटरा में शूज कारोबारी हरीश वंजानी का कार्यालय है. शूज कारोबारी की फर्म का नाम हरमीरा फुटवियर है. सोमवार रात चोरी कार्यालय के बाहर वाला गेट का ताला तोड़ कर और अंदर लॉकर को चाभी से खोलकर चोरी हुई थी. कारोबारी ने करीब 22 लाख रुपए चोरी होने का अनुमान जताया था. जिस पर एडीसीपी आदित्य कुमार के नेतृत्व में 5 पुलिस टीमें लगाईं थीं.
अपराध पर त्वरित प्रहार: 24 घंटे में चोरी का पर्दाफाश...
— POLICE COMMISSIONERATE AGRA (@agrapolice) January 7, 2026
पुलिस कमिश्नर, आगरा @DeepakKumarIPS के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत #आगरा_पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही निरंतर जारी है:-
फुटवेयर फर्म में हुई चोरी की घटना में संलिप्त 03 अभियुक्तों को… pic.twitter.com/eosKS2Xy2Y
सीडीआर ने खोल दी पोलः डीसीपी ने बताया कि सीसीटीवी खंगालने के दौरान चोर सीसीटीवी के तार कटते हुए दिखे. लॉकर भी चाबी से खोला है. इससे साफ हुआ कि चोर जानकार है. जिस पर शू कारोबारी के घर और कार्यालय में काम करने वाले लोगों की लिस्ट बनाकर उनके मोबाइल की सीडीआर निकलवाई. इसके आधार पर पूछताछ की तो संदेह के दायरे में 15 दिन पहले काम छोड़ कर गए कर्मचारी नीरज की लोकेशन वारदात के दिन घटनास्थल के पास मिली. जिस पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की.
नौकरी छोड़ने से पहले बनवा ली थी डुप्लीकेट चाभीः डीसीपी अब्बास ने बताया कि पूछताछ में नीरज ने पूरी वारदात कबूल ली. नीरज ने चोरी की योजना अपने पिता अशोक और छोटे भाई आकाश के साथ मिलकर बनाई थी. तीनों सोमवार की रात चोरी करने आए. पहले कार्यालय के बाहर का ताला तोड़ा और अंदर सीसीटीवी कैमरे के तार काटे. इसके बाद पहले से बनाकर रखी डुप्लीकेट चाबी से लॉकर खोलकर जितने रुपये थे, उतने बैग में भर ले गए.
कबाड़ में छिपाए थे 97 लाखः तीनों घर जाकर चोरी की रकम गिनी तो 96 लाख 95 हजार रुपये निकले. जिन्हें घर की छत पर कबाडे़ में छिपा दिया था, जिसे पुलिस टीम ने बरामद किया है. पूछताछ में नीरज ने बताया कि उसे पता था कि कार्यालय में लाखों रुपए की डील होती है और रुपये भी लॉकर में ही रखे जाते हैं. इसलिए पहले ही लॉकर की डुप्लीकेट चाबी तैयार कराई और योजना के तहत 15 दिन पहले नौकरी छोड़ दी थी.

