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पायलट बोले-खाड़ी देशों में फंसे राजस्थानियों को सुरक्षित स्वदेश लाएं केंद्र सरकार, शांति के लिए सक्रिय भूमिका भी निभाएं

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन ने कहा, अमेरिका ने भारत पर जबरन ट्रेड डील थोपी. किसानों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा.

Sachin Pilot addressing the Shiv Charan Mathur birth centenary celebrations
शिवचरण माथुर जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए सचिन (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : March 1, 2026 at 6:46 PM IST

6 Min Read
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जयपुर: अमेरिका और ईरान युद्ध के चलते खाड़ी देशों में काम कर रहे हजारों राजस्थानी फंसे हैं, जिसे लेकर यहां उनके परिजन चिंतित हैं. पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने केंद्र सरकार से राजस्थानियों को राहत के लिए तुरंत दखल देने की मांग की. पायलट ने कहा है कि युद्ध के चलते खाड़ी देशों में हमारे हजारों राजस्थानी फंसे हुए हैं, जिनकी सुरक्षित वापसी सरकार कराएं.

पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रविवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में मीडिया से कहा कि केंद्र सरकार को वहां की सरकारों से बात करनी चाहिए. यातायात के साधन उपलब्ध करवा सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए. हालत बहुत चिंताजनक बने हैं. अचानक घटनाक्रम हुआ. अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर अटैक किया. उसके बाद ईरान ने 7 खाड़ी देशों पर अटैक कर दिया. स्थिति लगातार बिगड़ रही है उम्मीद करता हूं कि वहां पर शांति स्थापित होगी. कूटनीतिक दरवाजे वापस खोले जाएंगे क्योंकि जिस तरह वहां पर अटैक हो रहा है और उसके बाद काउंटर अटैक हुआ है यह बात अच्छी नहीं है.

पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (ETV Bharat Jaipur)

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पायलट ने कहा कि भारत बड़ा मुल्क है. काफी तेल हम खाड़ी देशों से लेते हैं. तेल के दाम बढ़ रहे हैं और पूरी दुनिया में अनिश्चितता बनी है. इजरायल—अमेरिका ने जो किया, उस पर लगाम लगानी चाहिए. युद्ध का लाभ किसी को नहीं होगा. भारत को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और शांति स्थापित करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए.

अमेरिका ने जबरन भारत पर ट्रेड डील थोपी:सचिन ने कहा कि यूरोपीय यूनियन के साथ हमारा एग्रीमेंट होता है लेकिन ट्रेड डील भारत पर थोपी गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर लिख दिया कि ट्रेड डील हो गई है. अमेरिकी माल के लिए भारत में सारे बाजार जीरो टैरिफ पर खुल गए.र हम लोग 18 परसेंट टैरिफ अमेरिका को देंगे. पहले 3% टैरिफ होता था. अमेरिका ने धमकी देकर 50 परसेंट टैरिफ किया. उसके बाद 18 परसेंट टैरिफ किया. इससे हमारा सोयाबीन और कपास उत्पादक किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा. उनके यहां बड़ी मात्रा में कपास और मक्का होती है तो भारत का किसान क्या करेगा. पहली बार कोई विदेशी ताकत भारत को धमका रही है. भारत कोई छोटा टापू नहीं है, बड़ा देश है. अमेरिका तय करेगा कि हमें किस्से से तेल खरीदना है और किससे नहीं खरीदना?. एनर्जी सिक्योरिटी हमारा विषय है, लेकिन हम पर यह थोपा गया है कि हम किसी से तेल लेंगे.

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कमजोरी के चलते सरकार नहीं बोल पा रही: पायलट ने कहा कि ऐसी कोई ना कोई कमजोरी जरूर है, जिसके जरिए केंद्र सरकार दबाव में काम कर रही है. राहुल गांधी सही कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने कुछ ना कुछ कंप्रोमाइज जरूर किया है. पहले भी गैर कांग्रेसी सरकार रही है, लेकिन किसी भी सरकार ने किसानों की बलि नहीं चढ़ाई है. किसानों को धोखा दिया है, उनके भविष्य को अंधकार में धकेल दिया गया. सचिन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और इंडिया एलायंस के तमाम लोग इसका विरोध कर रहे हैं.संसद से सड़क तक इसका विरोध हो रहा है. पायलट ने कहा कि मनमोहन सिंह के समय अमेरिका के साथ परमाणु समझौता हुआ तथा भाजपा ने इसका विरोध किया था. यहां तक कि एफडीआई का भी विरोध किया, लेकिन अब सरकार में दबाव में आकर कंप्रोमाइज किया.

प्रधानमंत्री की भाषा पद के विपरीत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कांग्रेस पार्टी को मुस्लिम लीग वाले बयान को लेकर पायलट ने कहा कि प्रधानमंत्री जिस भाषा का प्रयोग करते हैं, वह उनके पद के विपरीत है. असत्य बात है. इस प्रकार के शब्दों का उपयोग करना और विपक्ष का लांछन लगाना असंसदीय है. उससे बचना चाहिए. प्रधानमंत्री बंगाल और केरल चुनाव को देखते ऐसे आरोप लगा रहे हैं. पहले भी वे ऐसे आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने मंच पर खड़े होकर अपने 11 साल के रिपोर्ट कार्ड पर कुछ नहीं कहा.

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असहमति बर्दाश्त करने की क्षमता होनी चाहिए: पायलट ने कहा कि यह नहीं बताया कि मोदी ने ट्रंप साथ किस दबाव में डील की. आज लोग बेरोजगार हैं, उसका क्या समाधान है. विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है. दुनिया में जहां भी बड़े आयोजन होते हैं, वहां भी विरोध प्रदर्शन होते हैं. इसका मतलब यह नहीं होता कि उन लोगों को जेल में बंद कर दो. 5-7 यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट लेकर प्रदर्शन कर दिया तो युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि वो वहां मौजूद नहीं थे. उन पर गंभीर धाराएं लगाई है. यह सरकार की दमनकारी नीति है. असहमति बर्दाश्त करने की क्षमता होनी चाहिए. मोदी सरकार पूरी ताकत के साथ विपक्ष और कांग्रेस पार्टी को दबाना चाहती है.

पूर्व सीएम माथुर को किया याद: राजस्थान के दो बार मुख्यमंत्री रहे शिवचरण माथुर की जन्म शताब्दी कार्यक्रम में पायलट ने कहा कि मैं उनको याद करता हूं कि उन्होंने राजस्थान को नई दिशा दी. अपने कार्यकाल में चाहे वे मंत्री रहे, मुख्यमंत्री रहे, नई सोच के साथ नई योजनाओं को रिफॉर्म किया. उसका लाभ आज भी राजस्थान को मिल रहा है. सच्चे निष्ठावान नेता के रूप में उन्होंने कांग्रेस को मजबूत किया. उन्होंने नगरपालिका से राजनीतिक कॅरियर शुरू किया. उसके बाद विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री रहे. जन्म शताब्दी समारोह को प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बीडी कल्ला, डॉ चंद्रभान, सांसद हरीश मीणा ने भी संबोधित किया.

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