ETV Bharat / state

माकपा के पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल नहीं रहे, किसान आंदोलनों की बुलंद आवाज थे, नम आंखों से दी अंदिम विदाई

वामपंथी राजनीति और किसान आंदोलनों के मजबूत स्तंभ हेतराम ने सोमवार रात अंतिम सांस ली. किसानों और मजदूरों के कई आंदोलनों में भाग लिया.

Hetram addressing the gathering
सभा को संबोधित करते हेतराम (ETV Bharat Sri Ganganagar, File Photo)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 24, 2026 at 12:20 PM IST

|

Updated : February 24, 2026 at 8:21 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

श्रीगंगानगर: राजस्थान की वामपंथी राजनीति और किसान-मजदूर आंदोलनों की पहचान रहे माकपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल (94) का सोमवार रात निधन हो गया. बेनीवाल ने श्रीगंगानगर के टांटिया अस्पताल में सोमवार रात 10:58 बजे अंतिम सांस ली. वे तीन दिनों से हीमोग्लोबिन की कमी के ग्रस्त होने के कारण भर्ती थे. ब्लड ट्रांसफ्यूजन के बाद गंभीर निमोनिया हो गया, जिससे हालत लगातार बिगड़ती चली गई. सोमवार रात करीब 12:30 बजे उनकी पार्थिव शरीर उनके निवास 8 एलएनपी लाया गया. मंगलवार शाम 4 बजे पैतृक गांव 8 एलएनपी में अंतिम संस्कार किया गया. पूर्व सीएम अशोक गहलोत समेत विभिन्न नेताओं ने बेनीवाल के निधन पर शोक जताया है.

संगरिया से पहला चुनाव लड़ा: पूर्व विधायक पवन दुग्गल ने बताया कि 16 अक्टूबर 1932 को जन्मे बेनीवाल ने छह दशक से अधिक समय तक सक्रिय राजनीति की. उन्होंने वामपंथी विचारधारा के साथ सार्वजनिक जीवन शुरू किया. 1967 में माकपा के टिकट पर संगरिया से विधानसभा का पहला चुनाव लड़ा. 1977 में टिकट नहीं मिलने पर चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन जनसंघर्षों से दूरी नहीं बनाई. वर्ष 1990-91 में संगरिया से विधायक निर्वाचित हुए. हालांकि विधानसभा भंग होने के कारण कार्यकाल करीब ढाई वर्ष रहा. सादुलशहर सीट के गठन के बाद उन्होंने वर्ष 2004 में अंतिम बार चुनाव लड़ा और सक्रिय राजनीति से विराम ले लिया.

पढ़ें:पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना का लंबी बीमारी के बाद निधन, ऐसा था छात्र राजनीति से विधानसभा तक का सफर

इन आंदोलन में अहम भूमिका: बेनीवाल की किसानों और मजदूरों के मुद्दों पर पकड़ मजबूत थी. राजस्थान कैनाल जमीन आवंटन आंदोलन, घड़साना किसान आंदोलन, जेसीटी मिल मजदूर संघर्ष और भाखड़ा-गंगनहर से जुड़े कई आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाई. 1971-72 में इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के प्रथम चरण में जमीन आवंटन को लेकर चले आंदोलन के दौरान उनके नेतृत्व में व्यापक जनदबाव बना.तत्कालीन मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया की सरकार को फैसलों में बदलाव करना पड़ा. वर्ष 2003 में किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन खड़ा कर सरकार को झुकने पर मजबूर किया.

Beniwal with former CM Gehlot
पूर्व सीएम गहलोत के साथ बेनीवाल (ETV Bharat Sri Ganganagar(File Photo))

दमदार वक्ता: दुग्गल ने बताया कि हेतराम की पहचान बेबाक और दमदार वक्ता के रूप में थी. वे बिना माइक हजारों लोगों को संबोधित कर लेते थे. उनके भाषणों में स्पष्टवादिता, व्यंग्य और जमीनी सच्चाई की झलक मिलती थी. घड़साना-रावला किसान आंदोलन के दौरान उनका नाम आंदोलन की पहचान बन गया था. उनके एक आह्वान पर किसान बड़ी संख्या में जुट जाते थे. विधानसभा में उनका अलग अंदाज देखने को मिला. 1991-92 में सदन में शोरगुल के बीच उन्होंने तत्कालीन अध्यक्ष हरिशंकर भाभड़ा से पहले व्यवस्था बहाल करने की बात कही थी. इस पर अध्यक्ष ने मुस्कराते हुए टिप्पणी की कि वे अपने स्वभाव से बोलें, सदन स्वयं शांत हो जाएगा. उनकी पत्नी चंद्रावली देवी का गत वर्ष निधन हो चुका. दो बेटे और एक बेटी हैं.

इन्होंने जताया दुख: पूर्व सीएम अशोक गहलोत, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने हेतराम के निधन पर गहरा दुख जताया. वहीं माकपा के पूर्व विधायक पवन दुग्गल ने कहा, बेनीवाल केवल राजनेता नहीं, बल्कि किसानों और मजदूरों की आवाज थे. उनका जाना जनसंघर्ष की राजनीति का अहम अध्याय का अंत है.

Hetram Beniwal driving a tractor
ट्रैक्टर चलाते हेतराम बेनीवाल (ETV Bharat Sri Ganganagar(File Photo))

पढ़ें:पूर्व सांसद भानु प्रकाश मिर्धा का निधन, चाचा को मात देकर भाजपा को नागौर में मजबूत किया

हेतराम बेनीवाल को किया गया सुपुर्द-ए-खाक : श्रीगंगानगर जिले के पैतृक गांव आठ LNP में पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ वामपंथी नेता हेतराम बेनीवाल को हजारों लोगों की मौजूदगी में भावभीनी अंतिम विदाई दी गई. मंगलवार को जब उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई तो गांव की गलियां 'कामरेड अमर रहे' और 'कामरेड को लाल सलाम' के नारों से गूंज उठीं. अंतिम संस्कार में क्षेत्र भर से किसान, मजदूर, पार्टी कार्यकर्ता और आमजन बड़ी संख्या में शामिल हुए.

Former MLA Comrade Hetram Beniwa
दी गई अंतिम विदाई (ETV Bharat Sri Ganganagar)
Last Updated : February 24, 2026 at 8:21 PM IST