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गहलोत ने कार्यकर्ताओं को दिया एकजुटता का संदेश, कहा- कांग्रेस के बोर्ड बनेंगे तो भाजपा की अक्ल आएगी ठिकाने

गहलोत ने कहा कि अधिकांश जगह नगरपालिका, नगर परिषद, नगर निगमों में कांग्रेस के बोर्ड बनें तब जाकर भाजपा की अक्ल ठिकाने आएगी.

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot File Photo)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 30, 2026 at 5:03 PM IST

3 Min Read
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उदयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कार्यकर्ताओं को एकजुटता का मंत्र देते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला. रविवार को उदयपुर में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की जनता भाजपा से बेहद परेशान और आक्रोशित है. जनता कांग्रेस के समय की जनहित की योजनाओं को याद कर रही है, जिसके कारण पूरे राजस्थान में कांग्रेस के पक्ष में शानदार माहौल बना हुआ है.

उन्होंने कहा कि आगामी निकाय चुनाव लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसीलिए कार्यकर्ता एकजुटता के साथ मैदान में उतरें और भाजपा को सबक सिखाएं. झगड़ा करवाने के लिए बीजेपी तैयार बैठी है. निकाय चुनावों में दावेदारी पर बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टिकट केवल उसी कार्यकर्ता को मिलेगा, जो धरातल पर मजबूत होगा और जिसके जीतने की संभावना सर्वाधिक होगी.

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गहलोत ने कहा कि यही मौका है भाजपा को सबक सिखाने का. अधिकांश जगह नगरपालिका, नगर परिषद, नगर निगमों में कांग्रेस के बोर्ड बनें तब जाकर भाजपा की अक्ल ठिकाने आएगी. केंद्र की तानाशाही के कारण आज लोकतंत्र, संविधान भारी दबाव में है. इस तानाशाही का मुकाबला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी पूरी निडरता से कर रहे हैं. ऐसे समय में हमारा कर्तव्य है कि हम स्थानीय स्तर पर कांग्रेस को भारी बहुमत से विजयी बनाकर सत्ता में बैठे लोगों की आंखें खोलें और राष्ट्रीय स्तर पर चल रही लोकतंत्र को बचाने की इस लड़ाई को मजबूती प्रदान करें.

कांग्रेस सरकार ने 12 लाख पट्टे बांटे : पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को लेकर ऐतिहासिक कार्य किए गए थे. नई सरकार आते ही गांव-गांव और शहर-शहर में चल रही कल्याणकारी योजनाओं को या तो बंद कर दिया गया या बेहद कमजोर कर दिया गया. उन्होंने कहा हमारे वक्त में 12 लाख पट्टे मिले हैं. अब ढाई साल हो गए इनको, बार-बार कैंप लगाते हैं, कैंप फेल होते हैं. कोई पट्टे बांट नहीं पा रहे, मामूली पट्टे बांटे होंगे. यह स्थिति सरकार की है.

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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें खुदी पड़ी हैं और सीवरेज तथा पेयजल की आपूर्ति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. कांग्रेस सरकार के दौरान करोड़ों रुपए की लागत से बनकर तैयार हुई इमारतों का यह सरकार उद्घाटन तक नहीं कर पा रही है. उन्होंने कहा कि 20 दिनों तक लगातार चलाए गए 'इंतजारशास्त्र' अभियान के दबाव में आकर सरकार ने हड़बड़ाहट में दो-तीन अधूरे काम शुरू तो किए, लेकिन प्रशासनिक अकर्मण्यता के कारण बाकी सभी विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं. ऐसा दिशाहीन कुशासन प्रदेश में पहले कभी नहीं देखा गया.